फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 15 मार्च 2026 समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वंदेमातरम ने उत्तर प्रदेश में आयोजित पुलिस SI परीक्षा के हिन्दी पेपर में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र में “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” शब्द के विकल्पों में “पंडित” शब्द को शामिल करना बेहद आपत्तिजनक और संवेदनशील है।
नन्दकिशोर दुबे वंदेमातरम के अनुसार इस प्रश्न का सही उत्तर “अवसरवादी” होता है, लेकिन विकल्पों में “पंडित” शब्द को शामिल करना गलत है। उन्होंने कहा कि “पंडित” शब्द भारतीय परंपरा में विद्वता, ज्ञान और धार्मिक सम्मान का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे नकारात्मक अर्थ से जोड़ना अनुचित और असंवेदनशील है।
उन्होंने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी के खिलाफ विभागीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस तरह की गलती समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है।
सपा नेता ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि वर्तमान भाजपा सरकार की ब्राह्मण समाज के प्रति कैसी सोच और छवि बन रही है। दुबे ने कहा कि “पंडित विद्वता का प्रतीक है, न कि अवसरवाद का। इसे इस तरह प्रस्तुत करना भारतीय विद्वत् परंपरा का अपमान है।”
उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण समाज ने समाजवादी पार्टी को वोट न देकर भाजपा को समर्थन दिया था, जिसके चलते भाजपा की सरकार बनी। लेकिन अब ऐसी घटनाओं से ब्राह्मण समाज में असंतोष बढ़ रहा है।
दुबे ने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समाज का एक बड़ा वर्ग भाजपा से दूर होकर समाजवादी पार्टी की ओर आया, जिसके परिणामस्वरूप सपा को 37 सीटों पर जीत मिली। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण समाज खुलकर भाजपा का विरोध करेगा और समाजवादी पार्टी को समर्थन देगा।
सपा नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उनका कहना है कि प्रदेश में आज तक कोई भी पार्टी ब्राह्मण समाज के समर्थन के बिना सत्ता में नहीं आई है और भविष्य में भी ऐसा संभव नहीं है।
