फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 15 फरवरी 2026 लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही किसानों की जमीनों के मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) फर्रुखाबाद संगठन की समीक्षा बैठक जसमईं चौराहा स्थित रामबिलास गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। यह बैठक एक दिन पूर्व जिलाधिकारी के साथ हुई वार्ता के परिप्रेक्ष्य में बुलाई गई थी।
बैठक में पहुंचे राजपाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने स्पष्ट कहा कि किसानों की जमीन उनकी बिना मर्जी के कोई नहीं ले सकता। उन्होंने कहा, “जमीन हमारी है, हम इसके मालिक हैं। जमीन से हमारा भावनात्मक रिश्ता है। प्रशासन जबरन अधिग्रहण न करे और सर्किल रेट बढ़ाकर किसानों को न्यायसंगत मुआवजा दे।”
राजपाल शर्मा ने कायमगंज क्षेत्र में धीमर नगला से ढाई घाट तक बांध निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बरसात से पहले बांध निर्माण नहीं कराया गया तो राष्ट्रीय प्रवक्ता के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित किसान अपने परिवार और पशुओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि जिलाधिकारी से हुई वार्ता के बाद शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया गया है। उसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा जिले में पहुंचे और किसानों की जमीन की लड़ाई में एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे के लिए संगठन सभी पहलुओं पर संघर्ष करेगा और आवश्यकता पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश सचिव अरविंद शाक्य, प्रदेश सचिव ओमप्रकाश सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छविनाथ शाक्य ने की तथा संचालन गोपी शाक्य ने किया।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष ब्रजेश गंगवार, कृष्ण गोपाल मिश्रा, जिला महासचिव अभय यादव, विजय सिंह शाक्य, जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार, युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत, जिला सचिव पुजारी कटियार, बिजनेश यादव, जिला प्रचार मंत्री राजेश गंगवार, गुड्डू यादव, कायमगंज तहसील अध्यक्ष कश्मीर गंगवार, अमृतपुर तहसील अध्यक्ष अनीस सिंह, सदर तहसील महासचिव रजत गंगवार, कायमगंज ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप यादव, मोहम्मदाबाद ब्लॉक अध्यक्ष बड़े यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
बैठक में एक स्वर से निर्णय लिया गया कि किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, उचित मुआवजा और किसानों की सहमति सुनिश्चित कराने के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
