एक्टर विजय थलापति अब राजनीति में सक्रिय हैं। अभिनेता के रूप में उनकी आखिरी फिल्म कही जा रही ‘जन नायकन’ का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, मगर यह इंतजार लंबा होता जा रहा है। सेंसर विवाद में फंसी फिल्म की रिलीज डेट अब तक क्लियर नहीं है। मेकर्स ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, मगर वहां से राहत नहीं मिली। अब वे सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगा सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ‘विजय अभिनीत फिल्म जन नायकन’ के मेकर्स इसकी रिलीज सुनिश्चित करने के लिए सर्टिफिकेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने एक कैविएट एप्लीकेशन दायर की है, जिसमें कोर्ट से इस चल रहे मामले पर कोई भी आदेश देने से पहले उनकी बात सुनने की गुजारिश की गई है’। बता दें कि ‘जन नायकन’ को KVN प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाया गया है। बता दें कि इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में चल रही है। मद्रास हाई कोर्ट ने बीते 27 जनवरी को हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच के पहले के एक उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें CBFC को ‘जन नायकन’ को U/A सर्टिफिकेशन देने का निर्देश दिया गया था। ऐसे में कहा जा रहा है कि फिल्म निर्माता यानी KVN प्रोडक्शंस फिल्म को लेकर चल रहे सेंसर विवाद के निपटारे के लिए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट जा सकती है।
बताते चलें कि फिल्म के निर्माता पहले भी इस विवाद के निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर चुके हैं। मगर, सुप्रीम कोर्ट ने सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के लिए की गई निर्माताओं की याचिका को सुनने से इनकार कर दिया था। 15 जनवरी को अपने निर्देशन में सुप्रीम कोर्ट ने प्रोड्यूसर्स से राहत के लिए मद्रास हाई कोर्ट की डिविजन बेंच से संपर्क करने को कहा था। मेकर्स की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट को भी निर्देश दिया था। सु्प्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट से ‘जन नायकन’ के प्रोड्यूसर की याचिका पर 20 जनवरी को फैसला करने को कहा है। अब, हाईकोर्ट में हो रही देरी के चलते मेकर्स फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।
