गोला गोकर्णनाथ : (द दस्तक 24 न्यूज) मौनी अमावस्या का पर्व आज रविवार को पूरे देश में आस्था के साथ मनाया गया। छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ नाम से विख्यात शिव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर देवाधिदेव महादेव को पुष्प,दुग्ध,गंगाजल,भांग,धतूरा, प्रसाद आदि चढ़ाकर देवी देवताओं के दर्शन किए इस बीच घंटा घड़ियाल और हर हर बम बम की गूंज से पूरा तीर्थ परिसर गुंजायमान हो उठा। महास्नान पर्व को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा की दृष्टि से व्यापक इंतजाम किए गए। मौनी अमावस्या पर्व दूर दराज से आए श्रद्धालुओं सहित जिले के ग्रामीण अंचल के श्रद्धालु सुबह से ही लाइन में लगकर देवाधिदेव महादेव के दर्शन किए। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने गंगा स्नान पर्व पर पीपल वृक्ष की परिक्रमा की, तीर्थ पुरोहितों,भिखारियों को तिल, कंबल, वस्त्र, उड़द आदि अन्न का दान किया । इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना भी की। तीर्थ परिसर नीलकंठ मैदान में जगह जगह भंडारे का आयोजन भी किया गया। गौरतलब हो धर्म नगरी छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में स्नान, दान का अपना अलग ही महत्व है। लेकिन स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर मौन रह पुण्यकाल में मोक्ष दायिनी गंगा में डुबकी लगाने से मान्यता है जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। शिव मंदिर पर तीर्थ पुरोहित सुनील शास्त्री ने बताया कि अमावस्या वैसे तो हर महीने में दो बार पड़ती है लेकिन माघ मास की अमावस्या का सनातन धर्म में अपना खास महत्व है। माघ मास को भी कार्तिक के समान पुण्य मास कहा गया है। मौनी अमावस्या पर मौन रखकर प्रयागराज त्रिवेणी संगम या फिर बाबा की नगरी काशी में घाट पर गंगा स्नान कर भोलेनाथ के दर्शन कर अपने संकल्प के पूरा होने पर घर लौटते है। पूरे साल में 12 अमावस्या होती है। इसमें से मौनी अमावस्या का अपना खास महत्व है।
लखीमपुर खीरी : मौनी अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
