नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2025 देश की राजनीति में एक अहम पड़ाव तब देखने को मिला जब भावी उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठतम नेता और मार्गदर्शक मंडल के प्रमुख सदस्य लालकृष्ण आडवाणी से दिल्ली स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
सी.पी. राधाकृष्णन ने इस दौरान आडवाणी जी से आशीर्वाद लिया और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे देश की सर्वोच्च गरिमा वाले पद पर रहते हुए संविधान की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोपरि रखेंगे।
भेंट के दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, आडवाणी जी ने राधाकृष्णन को राजनीतिक जीवन की प्रेरणाएँ साझा करते हुए कहा कि “देश की सेवा और जनता के विश्वास को निभाना ही किसी भी पद की सबसे बड़ी कसौटी है।”
राधाकृष्णन ने आडवाणी जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “भारतीय राजनीति में आदरणीय आडवाणी जी की भूमिका अतुलनीय रही है। भाजपा को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।”
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
सी.पी. राधाकृष्णन भारतीय जनता पार्टी के अनुभवी नेता हैं। तमिलनाडु की राजनीति से ताल्लुक रखने वाले राधाकृष्णन लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के सुदृढ़ीकरण में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्हें दक्षिण भारत में भाजपा का मजबूत चेहरा माना जाता है।
उपराष्ट्रपति पद की ओर बढ़ता कदम
राधाकृष्णन का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। उनकी साफ-सुथरी छवि, संगठनात्मक क्षमता और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण को उनकी सबसे बड़ी ताक़त माना जा रहा है।
राजनीतिक महत्व
लालकृष्ण आडवाणी जैसे अनुभवी नेता से भेंट कर आशीर्वाद लेना सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह भाजपा की उस परंपरा का प्रतीक है जिसमें वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और आशीर्वाद को सर्वोपरि महत्व दिया जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाक़ात पार्टी के भीतर निष्ठा, अनुशासन और परंपरा के संदेश को भी पुष्ट करती है।
भविष्य में राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद देश की राजनीति में उनका योगदान और भूमिका किस तरह से आकार लेगी, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
