फर्रुखाबाद:किसानों की समस्याओं पर भाकियू स्वराज का 11 सूत्रीय ज्ञापन तहसील कायमगंज में सौंपा गया

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 अगस्त 2025 भारतीय किसान यूनियन स्वराज ने प्रदेश सचिव मुन्नालाल सक्सेना के नेतृत्व में शनिवार को तहसील कायमगंज पहुँचकर उपजिलाधिकारी को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

★बाढ़ से तबाही और मुआवजे की मांग

मांगपत्र में सबसे प्रमुख मुद्दा गंगा नदी की बाढ़ से हुई तबाही का रहा। किसानों ने बताया कि अराजकतत्वों द्वारा गंगा नदी का बंधा काट दिए जाने से धीमर नगला, केरई, रायपुर और बहबलपुर मिस्तनी समेत कई गाँव जलमग्न हो गए। लगभग 60% किसानों की फसलें डूबकर बर्बाद हो चुकी हैं और कई गाँवों के लोग पलायन करने को विवश हैं। पशुओं के लिए चारे की भारी कमी हो गई है।

भाकियू स्वराज ने मांग की कि बाढ़ पीड़ित किसानों की फसलों का सर्वे कराया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। जिनके घर ढह गए हैं उन्हें आवासीय सहायता भी मिले।

★गंगा किनारे स्थायी बंधा निर्माण की आवश्यकता

संगठन ने मांग की कि बहबलपुर मिस्तनी से लेकर ढाईघाट शमसाबाद तक गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थायी बंधा बनाया जाए। किसानों का तर्क है कि बदायूँ जिले में अटैना घाट पर उत्तर की ओर बंधा बना है, तो फर्रुखाबाद के दोआब क्षेत्र में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। हर साल धान, मक्का और सब्जियों की फसलें जलमग्न हो जाती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

★शिक्षा और आवागमन में परेशानी

बाढ़ के दिनों में आवागमन बंद हो जाने की समस्या भी सामने आई। ज्ञापन में कहा गया कि गंगा नदी की ओर जाने वाली पुलियाओं को ऊँचा किया जाए ताकि बरसात और बाढ़ के समय ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों को आवाजाही में कठिनाई न हो।

★खाद्य वस्तुओं में मिलावट पर कार्रवाई की मांग

संगठन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कस्बा कायमगंज और पूरे जनपद में मिलावटी व एक्सपायरी सामान खुलेआम बिक रहे हैं। बिस्कुट, दूध, घी, मक्खन से लेकर दाल और आटे तक मिलावटी रूप में बाजारों में बेचे जा रहे हैं। बोतलबंद सरसों के तेल में क्रूड पाम ऑयल की मिलावट और सरकारी चावल पिसवाकर आटा बेचे जाने की शिकायत की गई। किसानों ने तत्काल छापेमारी और कड़ी कार्रवाई की मांग रखी।

★यूरिया की कालाबाजारी

मांगपत्र में आरोप लगाया गया कि जिले में यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही है। 266 रुपये की बोरी 300 रुपये में बेची जा रही है और किसानों पर अतिरिक्त जिंक की बोरी थोप दी जाती है। इससे धान और मक्का की खेती प्रभावित हो रही है। भाकियू स्वराज ने कहा कि सरकार उपलब्धता बढ़ाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करे।

★स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार

ज्ञापन में राजकीय यूनानी चिकित्सालय झब्बूपुर और आयुर्वेदिक चिकित्सालय सिकंदरपुर के डॉक्टरों पर मरीजों को दवा न देने और निजी दुकानों पर बेचने के आरोप लगाए गए। संगठन ने डॉक्टरों की जाँच कर तत्काल हटाने की माँग की।

★बिजली व्यवस्था चरमराई

किसानों ने कस्बा कायमगंज में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या उठाई। लाइनमैन पर रिश्वत लेकर तार जोड़ने का आरोप लगाते हुए संगठन ने तत्काल हटाने की माँग की। साथ ही कुरार फीडर से जुड़े गाँवों—गिलौंदा, गणेशपुर, कुरार पिपरभुजी, महमदपुर आदि में लंबे समय से बिजली न आने की समस्या बताई और दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।

★संगठन का आक्रोश

भाकियू स्वराज के नेताओं ने आरोप लगाया कि 13 जून को भी इसी संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट लगाकर मामले को निस्तारित कर दिया। किसानों ने कहा कि यह रवैया अस्वीकार्य है और यदि अब भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

★मौके पर मौजूद पदाधिकारी

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव मुन्नालाल सक्सेना, प्रदेश अध्यक्ष रामलाल गुप्ता, जिला महामंत्री मंजेश यादव, जिला उपाध्यक्ष प्रताप सिंह गंगवार व विपिन ठाकुर, मीडिया प्रभारी विनीत कुमार, संगठन सचिव रामवीर जाटव, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बिंदु गंगवार, ब्लॉक अध्यक्ष मानेंद्र कुमार सिंह व अर्जित सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी अनुज सक्सेना, सहित कई कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

👉 किसानों ने उपजिलाधिकारी से माँग की कि उपरोक्त 11 सूत्रीय मांगपत्र पर तत्काल कार्यवाही की जाए, जिससे जनपद फर्रुखाबाद के किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो सके।