कासगंज : मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय नवादा के स्थानांतरण के विरोध में पटियाली क्रमिक अनशन पर बैठे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जिला अधिकारी प्रणय सिंह को दिया ज्ञापन

पटियाली तहसील के ग्राम नवादा (ग्राम पंचायत सिकंदरपुर मनौना) में स्वीकृत मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय को सहावर तहसील के ग्राम बड़ागांव स्थानांतरित किए जाने के प्रयासों के खिलाफ आज 2 अगस्त 2025 को पटियाली तहसील परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक दो घंटे का क्रमिक अनशन किया गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों, अधिवक्ताओं, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। अनशन के बाद जिलाधिकारी कासगंज श्री प्रणय सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मांग की गई कि विद्यालय के प्रस्तावित स्थानांतरण पर तत्काल रोक लगाई जाए और निर्माण कार्य नवादा में शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।

पृष्ठभूमि:

फरवरी 2024 में नवादा, पटियाली में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से 12वीं तक) की स्थापना के लिए शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई थी।
₹23 करोड़ से अधिक की परियोजना धनराशि में से ₹11.92 करोड़ जारी किए जा चुके हैं।

अप्रैल 2025 में UP State Construction & Infrastructure Development Corporation Ltd. से निर्माण अनुबंध भी किया जा चुका है।
निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व ही विद्यालय को सहावर स्थानांतरित करने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, जो न केवल अनुचित, बल्कि वित्तीय व प्रशासनिक प्रक्रियाओं के विरुद्ध भी है।

वक्तव्य:

अब्दुल हफीज गांधी (पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी) ने कहा: “यह स्थानांतरण न केवल प्रशासनिक न्याय के विरुद्ध है बल्कि पटियाली क्षेत्र के सैकड़ों दलित, पिछड़े, गरीब और ग्रामीण बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। यह केवल एक विद्यालय का मामला नहीं, बल्कि जनसम्मान और संविधान प्रदत्त समान अवसर के अधिकार का प्रश्न है।”

लक्ष्मण सिंह यादव (जिला उपाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी) ने कहा: “पटियाली की जनता के साथ यह विश्वासघात है। जो स्कूल यहां बनना था, उसे सहावर शिफ्ट करने का निर्णय जनविरोधी है और इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

केपी सिंह यादव (अध्यक्ष, पटियाली बार एसोसिएशन) ने कहा: “यह कानूनी और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी है। हम अधिवक्ता समाज इस अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा।”

अनवर अली ईसार मियां (वरिष्ठ समाजवादी नेता) ने कहा:
“गांव के गरीब, मजदूर और किसान के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की यह साजिश कभी कामयाब नहीं होगी।”

अमर सिंह चौहान (वरिष्ठ समाजवादी नेता) ने कहा:”अगर स्कूल नवादा से हटाया गया, तो यह पूरे पटियाली क्षेत्र के साथ भेदभाव होगा।”

रीना वर्मा (जिला अध्यक्ष, समाजवादी महिला सभा) ने कहा: “यह महिलाओं और बेटियों के शिक्षा के अधिकार को दबाने का प्रयास है। हम चुप नहीं बैठेंगे।”

प्रमुख प्रतिभागी:

इस क्रमिक अनशन में बड़ी संख्या में जनसामान्य के साथ निम्न प्रमुख लोग उपस्थित रहे — अनु यादव, हमराज परवीन, असद हुसैन, डॉ. मुस्तकीम अंसारी, हसमत अली फारुकी, हिकमत अली फारूकी, इरशाद अली, मोहम्मद शाहिद, अवनीश शाक्य (एडवोकेट), अनिल यादव (एडवोकेट), विमल कश्यप (एडवोकेट), सोनेलाल (एडवोकेट), प्रशांत यादव (एडवोकेट), मुनेंद्र शाक्य एवं सेना से सेवानिवृत्त समाजसेवी — फौजी रामेश्वर सिंह, फौजी शैतान सिंह, फौजी गंगा सिंह यादव आदि।

जनहित में हमारी मांगें:

  1. मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
    नवादा, पटियाली तहसील में विद्यालय का निर्माण तुरंत प्रारंभ कराया जाए।
  2. इस विषय की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।