नई दिल्ली:नारी गरिमा के अपमान के विरोध में संसद भवन के मुख्य द्वार पर महिला सांसदों का प्रदर्शन।

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 28 जुलाई 2025 आज संसद भवन के मुख्य द्वार पर भारतीय राजनीति एक अहम घटनाक्रम की साक्षी बनी, जब संसद की एक महिला सांसद के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में देश की सभी महिला सांसद एकजुट होकर सड़क पर उतरीं। नारी गरिमा की रक्षा और संसद की मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से यह विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें एनडीए (NDA) के सांसदगणों ने भी एक स्वर में समर्थन जताया।

इस विरोध प्रदर्शन में सत्तापक्ष और विपक्ष की कई महिला सांसदों ने सक्रिय भागीदारी की और सभी ने एक सुर में ऐसी टिप्पणियों की कड़ी निंदा की, जो नारी अस्मिता को ठेस पहुंचाती हैं। सांसदों का कहना था कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर में यदि महिलाओं को अपमानित किया जाएगा, तो यह पूरे समाज के लिए एक गलत संदेश होगा। प्रदर्शन में शामिल महिला सांसदों ने कहा कि संसद में महिलाओं की भागीदारी आज पहले से कहीं अधिक है, और वे देश के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में उनके प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग केवल व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि समूचे महिला वर्ग का अपमान है।

एनडीए के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने भी महिला सांसदों के इस विरोध में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होकर यह संदेश दिया कि नारी सम्मान किसी भी दल से ऊपर है और संसद की गरिमा के लिए सभी को एकजुट रहना होगा। प्रदर्शन के अंत में महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष और प्रधानमंत्री से मांग की कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लिया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में संसद में मर्यादित व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब बात नारी सम्मान की हो, तो राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकता की मिसाल पेश की जा सकती है।