लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो नई योजनाएं ‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ और ‘पंच तख्त यात्रा योजना’ प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर धर्मार्थ कार्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यह ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे।”
बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना
इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के हिन्दू/बौद्ध श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न भागों में स्थित बौद्ध तीर्थ स्थलों जैसे सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती आदि की तीर्थ यात्रा कर सकेंगे। बौद्ध भिक्षुओं को योजना के लाभार्थियों के चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।
पंच तख्त यात्रा योजना
पंच तख्त यात्रा योजना के अंतर्गत सिख श्रद्धालुओं को देश के पांच पवित्र तख्त श्री अकाल तख्त (अमृतसर), तख्त श्री केशगढ़ साहिब (आनंदपुर साहिब), तख्त श्री दमदमा साहिब (बठिंडा), तख्त श्री पटना साहिब (पटना) और तख्त श्री हजूर साहिब (नांदेड़) की यात्रा के लिए सहायता दी जाएगी।
योजनाओं की प्रमुख विशेषताएं:
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: दोनों योजनाओं के लिए आवेदन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम रहेगी।
आर्थिक सहायता: प्रति यात्री ₹10,000 तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे कमजोर आय वर्ग के लोग भी तीर्थ यात्रा का लाभ उठा सकें।
IRCTC का सहयोग: दोनों योजनाएं भारतीय रेलवे की सहायक संस्था IRCTC के सहयोग से संचालित की जाएंगी, जिससे यात्राओं का प्रबंधन सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।
वरियता क्रम: कम आय वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि वे भी अपनी आस्था की पूर्ति कर सकें।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्थान की दिशा में एक कदम
यह पहल न केवल श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
