केंद्र के खजाने की हो रही लूट ? क्या है सच्चाई

यह तो ठीक है कि 1911 से बनने शुरू हुए दिल्ली के ये भवन(संसद भवन) जो 1935 तक बने थे, अब पुराने पड़ गए और काम के नहीं रह गए हैं पर इस तरह की धरोहर वाली इमारतों को तो कई पीढि़यों तक रखा जाता है. जिस तरह लालकिला 400 वर्षों बाद आज भी अपना वजूद रखता है वैसे ही संसद भवन और उस के आसपास के धौलपुर स्टोन के विशाल भवन एक युग के परिचायक हैं. नया युवा नए की उम्मीद करता है पर वह आनंद पुराने में ही…