फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 06 अक्टूबर 2025 थाना कादरी गेट क्षेत्र के सातनपुर मंडी के पास स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। इस हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक दोनों युवक — आकाश कश्यप और आकाश सक्सेना — न केवल आपस में घनिष्ठ मित्र थे, बल्कि कोचिंग सेंटर संचालक से भी उनकी अच्छी जान-पहचान थी।
आतिशबाजी का कारोबार बन गया जानलेवा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दीपावली पर्व के मद्देनज़र दोनों युवक आतिशबाजी का कारोबार करते थे। उन्होंने विस्फोटक सामग्री (आतिशबाजी का सामान) को चोरी-छिपे कोचिंग सेंटर के सेप्टिक टैंक में छिपाकर रखा था, ताकि त्योहार के समय उसे बेचा जा सके। रविवार को जब दोनों युवक टैंक से आतिशबाजी का सामान निकालकर बाइक से ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक भीषण धमाका हो गया।
धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गईं और पूरा इलाका दहशत में आ गया। विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। मौके पर अफरातफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
मौके पर पहुंची पुलिस व फॉरेंसिक टीम
धमाके की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर ऐश्वर्या उपाध्याय, थाना प्रभारी कादरी गेट सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। क्षेत्र को घेरकर फॉरेंसिक जांच कराई गई। कन्नौज से आई एफएसएल टीम — डॉक्टर प्रवीण और गिरीश चंद्र के नेतृत्व में — ने घटनास्थल से सुतली बम और बारूद के अंश बरामद किए, जिन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है।
अभी नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि विस्फोट आतिशबाजी के कारण हुआ, लेकिन प्रारंभिक जांच में यही संकेत मिल रहे हैं। एएसपी डॉ. संजय सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी और किस उद्देश्य से उसे कोचिंग सेंटर में छिपाया गया था।
शहर में मचा हड़कंप, प्रशासन हुआ सतर्क
इस हादसे के बाद पूरे शहर में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवासीय इलाकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अवैध रूप से रखे जाने वाले विस्फोटक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने भी तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी कर दिए हैं कि ऐसी जगहों पर विशेष निगरानी रखी जाए, जहां आतिशबाजी या विस्फोटक सामग्री के भंडारण की आशंका हो।
प्रत्यारोप और सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे होते हैं। आसपास के कई क्षेत्रों में आतिशबाजी का अवैध कारोबार वर्षों से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे रहते हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि यदि किसी को इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आतिशबाजी और विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण न केवल कानूनन अपराध है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।
