रूद्राक्ष सभागार, कलेक्ट्रेट कासगंज में जिला गंगा समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

रूद्राक्ष सभागार, कलेक्ट्रेट कासगंज में जिला गंगा समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

बैठक के प्रमुख आकर्षण के रूप में गेंहूँ की फसल हेतु जलवायु परिवर्तन अनुकूल सतत खेती पद्धति से संबंधित जानकारी वाले पम्पलेट का विमोचन मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा किया गया। यह पम्पलेट विश्व प्रकृति निधि (WWF-इंडिया) द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें किसानों को बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुरूप आधुनिक, कम लागत वाली तथा जल संरक्षण आधारित कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने वाले व्यावहारिक सुझाव शामिल हैं।

विमोचन के पश्चात मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने कहा कि गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की निर्मलता एवं अविरलता सुनिश्चित करने में खेती की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा पैटर्न, तापमान तथा मिट्टी की नमी में होने वाले बदलावों का सीधा प्रभाव फसलों पर पड़ रहा है। ऐसे में किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियाँ, अमृत पानी, जीवामृत, घनामृत आदि जैविक उर्वरक, जल-संरक्षण तकनीक और जलवायु अनुकूल कृषि मॉडल अपनाकर उत्पादन व गुणवत्ता दोनों में सुधार करना चाहिए।

मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने कहा कि डब्लू डब्लू एफ – इंडिया, कृषि विभाग एवं यूपी डास्प आपस मे एक बैठक कर जनपद मे प्राकृतिक खेती के लिए एक संयुक्त कार्ययोजना के साथ प्रत्येक किसान को जैविक खेती के लिए जागरूक करें।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने सभी विभागों को परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा गंगा संरक्षण के लक्ष्य को जन आंदोलन का रूप देने हेतु सतत प्रयास करने का आह्वान किया।