फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय शाक्य महासभा, फर्रुखाबाद के तत्वावधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सिद्धार्थ कान्वेंट पब्लिक स्कूल, अजमतपुर रोड, फर्रुखाबाद में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना के साथ हुआ, जिसे भंते नागसेन के निर्देशन में विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करना और सावित्रीबाई फुले के शिक्षा-संबंधी संघर्षों व योगदान को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तथागत सम्राट नागरिक मंच के जिला अध्यक्ष श्री शिव कुमार शाक्य ने कहा कि शिक्षा ही मानव जाति के उद्धार का सबसे सशक्त माध्यम है। एक शिक्षित माता न केवल स्वयं बल्कि अपने पूरे परिवार का सर्वांगीण विकास कर सकती है। जब देश का प्रत्येक नागरिक शिक्षित और जागरूक होगा, तभी देश का वास्तविक विकास संभव है।
वहीं आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री नीरज कुमार शाक्य ने शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि स्कूलों को बंद किया जाना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों के बाद जीवन जीने की कला में मूलभूत परिवर्तन लाने का कार्य सावित्रीबाई फुले, ज्योतिबा राव फुले, माता फातिमा शेख एवं उस्मान शेख ने किया। इन्हीं के संघर्षों के कारण आज हमें शिक्षा का अधिकार प्राप्त हुआ, जिसने महिला-पुरुष सभी के उत्थान का मार्ग प्रशस्त किया। आज इस अधिकार को बचाए रखने की लड़ाई शुरू हो चुकी है।
कार्यक्रम में उपस्थित फर्रुखाबाद के पूर्व प्रत्याशी श्री अशोक मौर्य ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी औषधि बताते हुए सतत जागरूक रहने का आह्वान किया और नारा दिया—“आधी रोटी खाएंगे, बच्चों को पढ़ाएंगे।”
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बेचेलाल बेचैन ने अपने मधुर गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली रौनक शाह को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही सिद्धार्थ कान्वेंट पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीतों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम का संचालन महेंद्र सिंह शाक्य द्वारा किया गया। इस अवसर पर शिवम शाक्य (जिला अध्यक्ष), मनोज कुमार (उपाध्यक्ष), शिव कुमार, मुकेश कुमार शाक्य, अर्पित शाक्य, कमलेश शाक्य, अखिलेश शाक्य, सोनू कुशवाहा, शैलेंद्र यादव, जहांगीर खान, कुलदीप कठेरिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन माता सावित्रीबाई फुले के विचारों को आत्मसात कर शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर संघर्ष करने के संकल्प के साथ किया गया।
