पटना:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 जून 2025 बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व परम पावन भिक्षु संघ ने किया।
मुलाकात के दौरान भिक्षु संघ ने तेजस्वी यादव को महाबोधि महाविहार से जुड़ी अपनी वर्षों पुरानी मांगों का एक लिखित मांग पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार की पूर्ण मुक्ति और बौद्ध समाज को उसकी धार्मिक विरासत लौटाने की मांग दोहराई।
भिक्षु संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि, “जो महाबोधि महाविहार की मुक्ति की बात करेगा, वही बिहार पर राज्य करेगा।” यह वक्तव्य बौद्ध समाज की इस ऐतिहासिक मांग की गंभीरता और सामाजिक-राजनीतिक महत्व को दर्शाता है। भिक्षुओं ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बौद्ध धर्म की जीवित परंपरा और आस्था का केंद्र है। महाबोधि महाविहार की मुक्ति एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक न्याय की आवश्यकता है, और इस लड़ाई में उन्हें राजनीतिक नेतृत्व का सक्रिय सहयोग चाहिए।
तेजस्वी यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध हैं।भिक्षु संघ की ओर से यह भी कहा गया कि यह विरासत की लड़ाई है, जो आसान नहीं है, लेकिन यदि तेजस्वी यादव जैसे युवा और प्रगतिशील नेता साथ आते हैं, तो यह संघर्ष एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकता है। यह मुलाकात बिहार की राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों की बदलती भूमिका का संकेत देती है और आने वाले समय में यह आंदोलन राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ सकता है।
