फर्रुखाबाद में विकसित भारत@2047 पर आधारित विचार गोष्ठी का सफल आयोजन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 सितम्बर 2025 कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश@2047 अभियान की रूपरेखा पर आधारित विचार गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मा0 आयुक्त कानपुर मंडल/जनपद नोडल अधिकारी, विकसित भारत के. विजेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में प्रबुद्धजनों, उद्यमियों, कृषकों एवं स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस श्री राजीव कुमार, सेवानिवृत्त आईपीएस आर.के.एस. राठौर, सेवानिवृत्त प्रोफेसर विनोद कुमार तिवारी एवं सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय गंगवार उपस्थित रहे। जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी एवं मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने भी कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

प्रबुद्धजनों के विचार

राजीव कुमार (सेवानिवृत्त IAS) ने कहा कि विकसित भारत@2047 का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिए आमजन से सुझाव अपेक्षित हैं। उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख थीम – अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति के अंतर्गत कुल 12 सेक्टरों पर सुझाव मांगे जा रहे हैं।

उन्होंने फर्रुखाबाद की कृषि क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि जिले के आलू उत्पादन को उद्योग से जोड़ना होगा और गंगा पर बांध निर्माण जैसी योजनाएं बाढ़ नियंत्रण में सहायक होंगी।

आर.के.एस. राठौर (सेवानिवृत्त IPS) ने कहा कि “विकसित भारत, समर्थ उत्तर प्रदेश” एक आदर्श परिकल्पना है। उन्होंने कहा कि मजबूत नीयत, सच्ची लगन और दृढ़ इरादों से हर समस्या का समाधान संभव है।

विनोद कुमार तिवारी (सेवानिवृत्त प्रोफेसर) ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2014 से 2025 तक देश ने तीव्र गति से प्रगति की है। आज सुशासन और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण उद्योग-धंधों का माहौल सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने आलू की उन्नत किस्म विकसित करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और बाढ़रोधी तकनीक से सड़कें बनाने पर बल दिया।

अजय गंगवार (सेवानिवृत्त अभियंता, PWD) ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत करते हुए अवसंरचना विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।

आमजन व युवाओं के सुझाव

उद्यमी रोहित गोयल ने कपड़ा उद्योग के लिए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

छात्र वैभव राठौर ने युवाओं में स्किल डेवलपमेंट, ब्लॉक प्रिंटिंग व जरदोजी को बढ़ावा देने और जनपद में स्विमिंग पूल निर्माण का सुझाव दिया।

सुरेंद्र पांडेय ने गंगा किनारे विश्रामालय, ऑडिटोरियम निर्माण और शिक्षा-चिकित्सा को निःशुल्क करने की मांग की।

भूपेंद्र प्रताप सिंह ने ब्लॉक प्रिंटिंग कारीगरों के प्रशिक्षण, गांवों से पलायन रोकने, मेडिकल कॉलेज, सैनिक स्कूल और पैरामिलिट्री भर्ती केंद्र खोलने पर जोर दिया।

गौरी स्वयं सहायता समूह की नम्रता ने समूह उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने एवं ड्रेस कोड लागू करने की आवश्यकता बताई।

आयुक्त महोदय के निर्देश

मा0 आयुक्त श्री के. विजेंद्र पांडियन ने उपस्थित सभी उद्यमियों, कृषकों, व्यापारियों एवं समूह प्रतिनिधियों के सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पूरे एक महीने तक चलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश देश की सबसे युवा आबादी वाला राज्य है, और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने किसानों को कैश क्रॉप उत्पादन पर ध्यान देने की सलाह दी और युवाओं से सीएम युवा योजना का लाभ लेकर स्व-रोजगार शुरू करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने सभी को क्यूआर कोड स्कैन कर अपने सुझाव ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी का संदेश

जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि प्रबुद्धजनों एवं आम नागरिकों द्वारा दिए गए सभी सुझाव ऑनलाइन दर्ज कराए जाएंगे ताकि अभियान को और अधिक सफल बनाया जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी श्री विनोद कुमार गौड़ ने कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु सभी को धन्यवाद दिया और सभी से आग्रह किया कि वे अपने सुझाव अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज करें।

निष्कर्ष

यह संवाद कार्यक्रम न केवल एक विचार-विमर्श का मंच बना, बल्कि जिले के विकास की दिशा तय करने में भी एक सार्थक प्रयास साबित हुआ। कार्यक्रम में उद्यमी, कृषक, स्वयं सहायता समूहों की दीदियां, व्यापारी, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।