फर्रुखाबाद में उर्वरक विक्रेताओं पर सख्ती: नियमों की अवहेलना पर होगी लाइसेंस निरस्तीकरण व मुकदमा दर्ज

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जून 2025 जनपद में उर्वरकों की बिक्री और वितरण को पारदर्शी एवं नियंत्रित बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी कार्यालय ने समस्त खुदरा और थोक विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विक्रय एवं स्टॉक रजिस्टर प्रमाणित नहीं कराए गए, या तय नियमों का उल्लंघन किया गया, तो उनके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार—

रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड प्रत्येक दुकान पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होना चाहिए। प्रत्येक दिन की बिक्री एवं स्टॉक की प्रविष्टि प्रमाणित रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है। बिक्री रसीद (POS मशीन से) देना अनिवार्य है, ताकि किसानों को मूल्य की पारदर्शिता बनी रहे। जबरिया टैगिंग जैसे कृत्य (यूरिया या DAP के साथ अन्य उत्पादों को जबरन बेचने की कोशिश) पूरी तरह प्रतिबंधित है। फसल, भूमि विवरण और संस्तुत मात्रा के आधार पर ही उर्वरकों की बिक्री होनी चाहिए।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विक्रेताओं ने अभी तक अपने स्टॉक और बिक्री रजिस्टरों का सत्यापन नहीं कराया है, उन्हें आगे उर्वरक की आपूर्ति नहीं की जाएगी। साथ ही, थोक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अनाधिकृत खुदरा विक्रेताओं को आपूर्ति न करें।

किसानों के लिए विशेष संदेश:

किसान अपनी आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें, रसीद लेना न भूलें और किसी भी प्रकार की टैगिंग या मूल्य से अधिक वसूली की सूचना तत्काल जिला कृषि अधिकारी को दें। जिला कृषि विभाग ने आश्वस्त किया है कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, और किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त भंडारण किया गया है।