फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 नवम्बर 2025 उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ, जनपद की तीनों तहसीलों—सदर, कायमगंज और अमृतपुर में शनिवार को तहसील स्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। ये बैठकें प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत सम्पन्न हुईं, जिसमें लेखपालों की वर्षों से लंबित समस्याओं और आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठकों में संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फर्रुखाबाद इकाई प्रदेश भर में चल रहे आंदोलन के साथ पूर्णतः एकजुट है। लेखपालों ने वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति प्रक्रिया में सुधार, फील्ड कार्य के लिए संसाधनों की उपलब्धता, अत्यधिक कार्यभार में अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति, तथा सुरक्षा व सेवा शर्तों में सुधार जैसे प्रमुख मुद्दों को तत्काल प्रभाव से शासन तक पहुँचाए जाने की आवश्यकता दोहराई।
जिलाध्यक्ष सचिन मिश्रा ने बताया कि तहसील स्तर से प्राप्त सभी प्रस्तावों को संकलित कर जिलाधिकारी और शासन को भेजा जाएगा, ताकि लेखपालों की वास्तविक समस्याओं पर शीघ्र निर्णय हो सके। जिला मीडिया प्रभारी अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि संगठन अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी स्थिति में लेखपालों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
बैठक में अविनाश मिश्रा, गौरव कुमार, गौरव त्रिवेदी, महेश्वर सिंह तहसील अध्यक्ष, डॉ. अजय सिंह, आलोक, विकास, सोनी गुप्ता, सोनी मिश्रा, श्वेता, अनुष्का, प्रियंका, मुस्कान सहित बड़ी संख्या में लेखपालों और पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने संगठन को मजबूत बनाने और समस्याओं को प्राथमिकता से उठाने पर जोर दिया।
काली पट्टी बांधकर जताया रोष
प्रदेशव्यापी आंदोलन के समर्थन में जिले की सभी तहसीलों के लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित एवं विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य किया गया।
15 नवम्बर 2025 को आयोजित तहसील समाधान दिवस पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लेखपालों ने कार्य से विरत रहकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सभी कार्य सामान्य रूप से संपन्न किए गए।
8 दिसंबर को सौंपा जाएगा ज्ञापन
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 8 दिसंबर 2025 तक समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उसी दिन जिले की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंत्रीगण एवं विधायकों को सौंपा जाएगा।
लेखपाल संघ ने आशा व्यक्त की है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान सुनिश्चित करेगी, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन और अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें।
