जल संरक्षण के लिए राजेन्द्र सिंह का अनुभव कारगर साबित होगा

गुम्मा जलागम क्षेत्र के तहत और अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन की संभावनाओं के लिए जल पुरुष के नाम से विख्यात पद्मश्री राजेन्द्र सिंह का यह प्रवास अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने यह जानकारी प्रवास के दौरान दी। उन्होंने बताया कि राजेन्द्र सिंह के दो दिवसीय प्रवास के उपरांत इनके द्वारा किए गए सर्वेक्षण की कार्य योजना के अनुरूप प्रदेश सरकार प्रभावी पग उठाएगी ताकि इस क्षेत्र के माध्यम से शिमला नगर की जलापूर्ति समस्या से निजात पाया जा सके।

उन्होंने कहा कि राजेन्द्र सिंह द्वारा विभिन्न छोटे पुलों को चैक डैम के रूप में परिवर्तित करने के सुझाव को भी प्रदेश में गंभीरता से क्रियान्वित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में कल कोटीब्रांडी जलागम क्षेत्र का भी दौरा कर इस सम्बन्ध में जायजा लिया जाएगा।

मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पद्मश्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि भविष्य के संभावित खतरों से बचने के लिए हमें जल भंडारण के माध्यम से इस समस्या से बचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक जल विकेन्द्रीकरण प्रबन्धन इसके लिए सबसे कारगर उपाय है, जिसमें क्षेत्रवासियों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के सम्बन्ध में हमें संगठित होकर आगे आना होगा।

इस अवसर पर भोपाल से आए जल विशेषज्ञ सुरेन्द्र मोहन शर्मा तथा राजस्थान के जल संरक्षण पारम्परिक तकनीक कार्य विशेषज्ञ गोपाल सिंह के अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक राकेश कंवर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, वन, मत्स्य, विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के उच्च अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस