रायबरेली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश के जिले के एक छोटे से गांव चांदेमऊ के रहने वाले विमल कुमार ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से यह साबित कर दिया कि सपने बड़े हों तो परिस्थितियां छोटी पड़ जाती हैं। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 107वीं रैंक हासिल कर उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है।
विमल कुमार का परिवार बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर है। उनके पिता रामदेव भट्ठे पर मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद विमल ने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया। बड़े शहरों की महंगी कोचिंग उनके लिए संभव नहीं थी, इसलिए उन्होंने पूरी तैयारी सेल्फ-स्टडी के जरिए की।
विमल की सफलता की कहानी संघर्ष और धैर्य से भरी हुई है। उन्हें यह मुकाम एक ही बार में नहीं मिला, बल्कि इसके लिए उन्हें पांच प्रयास करने पड़े। पहले चार प्रयासों में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। दो बार वे मेन्स परीक्षा तक पहुंचकर रुक गए और दो बार इंटरव्यू के अंतिम चरण से लौटना पड़ा। लेकिन हर असफलता से उन्होंने सीख ली और अपने प्रयासों को और मजबूत बनाया।
आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और पांचवें प्रयास में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 107वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा कर लिया।
विमल की सफलता का एक भावुक पल तब सामने आया जब उन्होंने अपनी मां को फोन कर कहा, “माँ, मैं IAS बन गया।” उनकी मां ने मासूमियत से पूछा, “IAS क्या होता है?” यह सवाल उनके परिवार की सादगी और संघर्ष की कहानी खुद बयां करता है।
आज विमल कुमार की सफलता हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह दिखा दिया कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और मेहनत हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। गांव के लोगों में भी खुशी का माहौल है और हर कोई विमल की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।
