जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में सभी तहसीलोें में अवैध अतिक्रमण यथा-बंजर, खलिहान, नवीन परती, चकमार्ग, तालाबी रकबा, गरीबों एवं सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं कब्जा और भूमाफियाओं के द्वारा अवैध रूप से कब्जायी गयी जमीनों को कब्जा मुक्त कराये जाने के विरूद्ध अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन के द्वारा सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराये जाने एवं ऐसी जमीने जिसे किसी उद्देश्य से निर्धारित समयावधि तक आवंटित की गयी थी और उसकी अवधि पूर्ण हो चुकी है, उनको चिन्हित करते हुए पुनः सरकारी खाते में अंकित कराया जा रहा है। तत्क्रम में उपजिलाधिकारी सदर श्री अभिषेक सिंह के द्वारा ग्राम नसीरपुर सिलना तहसील सदर की खतौनी 1428-33 फसली वर्ष की आराजी संख्या 29 रकबा 1.7010 श्रेणी-3 के रूप में दर्ज पाये जाने का संज्ञान लेते हुए विस्तृत जांच करायी गयी।
जांचोपरान्त उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली-1952 के नियमों के अनुरूप कार्रवाई करते हुए न्यायालय उपजिलाधिकारी सदर द्वारा मौजा नसीरपुर सिलना परगना व तहसील सदर, प्रयागराज में आराजी संख्या 1 रकबा 0.3010 हे0, 29 रकबा 1.7010 हे0, 30 रकबा 0.3310 हे0, 180 रकबा 1.3220, 304 रकबा 0.765 हे0, 228 रकबा 0.7990 हे0, 383 रकबा 0.7170 हे0, 393 रकबा 0.3300 हे0, 405 रकबा 0.0570 हे0, 406 रकबा 0.2510 हे0, 413 रकबा 0.2630 हे0, 448 रकबा 0.3540 हे0, 474 रकबा 0.8900 हे0, 449 रकबा 0.6740, श्रेणी-3 (भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकार में है) के रूप में दर्ज कुल 14 गाटे, जिनका कुल रकबा 8.7550 हे0 को उसपर अंकित सम्पूर्ण खातेदारों का नाम निरस्त करके उसके स्थान पर ग्राम सभा के खाते में अंकित करने एवं तहसीलदार सदर के माध्यम से राजस्व निरीक्षक व क्षेत्रीय लेखपाल को शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इस प्रकार लगभग 80 करोड़ रूपये से अधिक मूल्य की भूमि को पुनः ग्राम सभा के नाम पर दर्ज कर ग्राम सभा की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की गयी। उक्त मौजा नसीरपुर सिलना की भूमि अमानउल्ला, इश्तियाक अहमद, एकबाल अहमद, गुलाम गौस, एकलाखा अहमद पुत्रगण खलीलउद्दीन व मु0 बिटनिया बेवा पत्नी मोईउद्दीन के नाम दर्ज है। यह भूमि 14 गाटे एवं कुल रकबा 8.7550 हे0 श्रेणी-3 (भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकार में है) के रूप में और भौमिक अधिकार वर्ष 1368फ0 खतौनी में दर्ज है, जो उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली-1952 की धारा 176 के अनुसार के अनुसार किसी व्यक्ति को अधिकतम पांच वर्ष हेतु असामी पट्टे के रूप में कृषि कार्य हेतु आवंटित की जाती है, जिसकी अवधि पूर्ण हो चुकी है। उपरोक्त गाटे परती के रूप में खाली है तथा ग्राम सभा की अभिरक्षा में है।
द दस्तक 24
प्रभारी पत्रकार तहसील कोरांव प्रयागराज उमाशंकर कुशवाहा 7571974858
