फर्रुखाबाद में एयरपोर्ट मुद्दे पर राजनीति गर्म, विकास राजपूत ने कहा—‘ कमी है जज्बे की

बर्षो से मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी को घरेलू हवाई अड्डे में बदलने की योजना कागज़ों में ही सिमटी हुई है। लेकिन अब इस मुद्दे पर भाजपा नेता एवं समाजसेवी विकास राजपूत ने सबसे जोरदार आवाज़ उठाई है। उन्होंने साफ कहा कि फर्रुखाबाद का एयरपोर्ट सिर्फ़ इच्छाशक्ति की कमी के कारण नहीं बन पा रहा है।“न पैसों की कमी, न जमीन की — कमी सिर्फ़ जज़्बे की” : विकास राजपूतहमारे संवाददाता से बातचीत में विकास राजपूत ने बेबाकी से बताया कि—“भारत में कई ऐसे एयरपोर्ट हैं जिनके रनवे मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी से छोटे हैं, उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया (शिमला, मेघालय, मणिपुर, कुल्लू मनाली, बेंगलुरु, पश्चिम बंगाल) एवं कई और हवाई अड्डों के रनवे इससे छोटे है फिर भी वे कुछ घरेलू एवं कुछ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में संचालित हो रहे हैं। यहाँ तो जमीन भी है, रनवे भी बड़ा है—फिर भी परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। यह जनता को गुमराह करने की कोशिश है।”राजपूत ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते फर्रुखाबाद एक बड़ा अवसर खो रहा है।अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाएविकास राजपूत ने अधिकारियों पर भी उंगली उठाते हुए कहा कि रनवे को छोटा बताना सिर्फ़ पल्ला झाड़ने का तरीका है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण में हो रही देरी को “मनमानी” बताया और कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो यह परियोजना बहुत पहले शुरू हो सकती थी।जनता की आवाज़ बनने की कोशिश में विकास राजपूतस्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से किसी बड़े नेता ने इस मुद्दे को इतनी मजबूती से नहीं उठाया, जितना कि अब विकास राजपूत उठा रहे हैं। उनकी सक्रियता के बाद हवाई अड्डे के मुद्दे पर चर्चाएँ एक बार फिर तेज हो गई हैं।फर्रुखाबाद का भविष्य दांव परहवाई अड्डा बनने से क्षेत्र में रोज़गार, उद्योग और निवेश के अवसर बढ़ सकते थे, लेकिन परियोजना पर आदेशों का इंतज़ार अभी भी जारी है। लोगों को उम्मीद है कि विकास राजपूत की पहल इस बार मामला आगे बढ़ा सकती है।