पीलीभीत: सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अवश्य बनवाएं फैमिली आईडी

पीलीभीत /वर्तमान में उत्तर प्रदेश में अध्यासित लगभग 3.6 करोड़ परिवार एवं 15 करोड़ व्यक्ति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित हैं। इन परिवारों की राशनकार्ड की संख्या ही परिवार आई.डी. होगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित न होने वाले ऐसे परिवार जो राशनकार्ड के पात्र नहीं है, उन्हें परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से परिवार आई.डी. उपलब्ध कराने हेतु व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था पूर्णतः निःशुल्क होगी। भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु परिवार आई.डी. उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा। जो परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त नहीं कर रहे है। वे भी स्वेच्छा से परिवार आइ.डी. प्राप्त कर सकते हैं।
इस योजना के संचालित होने के फलस्वरूप परिवार के किसी एक सदस्य द्वारा जाति/निवास प्रमाण पत्र आदि प्राप्त करने के उपरांत परिवार के अन्य सदस्य द्वारा आवेदन करने की स्थिति में सुगमता से बिना किसी विलम्ब के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसी प्रकार परिवार में किसी बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र देने की राज्य सरकार की संकल्पना को सरलता से क्रियान्वित किया जा सकेगा।
परिवार की यथास्थिति निम्नवत परिभाषित किया जायेगाः-स्वयं पुरुष या स्त्री और उसकी पत्नी अथवा उत्तका पति (न्यायिक रूप से पृथक पति या पत्नी से भिन्न), स्वयं के माता-पिता, स्वयं पर आश्रित वयस्क/अवयस्क भाई-बहन, वयस्क भाई-बहन व उनके परिवार जो संयुक्त परिवार के रूप में रहते हों, अवयस्क संतान/संतानें, आश्रित वयस्क संतान/संताने (न्यायिक रूप से पृथक विवाहित पुत्री सहित), विवाहित/ अविवाहित वयस्क पुत्र एवं उसकी पत्नी एवं संतानें जो संयुक्त परिवार के रूप में साथ रहते हों।, दत्तक पुत्र/पुत्री एवं अन्य कोई ऐसा वयस्क/अवयस्क व्यक्ति जो परिवार के मुखिया/कमाऊ सदस्य पर आश्रित हो, जिसको परिवार के सदस्य के रूप में जोड़ना चाहें।

आवेदकः-परिवार का कोई वयस्क सदस्य जो फैमिली आई.डी. हेतु स्वयं एवं परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से आनलाइन आवेदन नजदीकी सी.एस.सी. सेंटर/ग्राम पंचायत भवन आदि पर करा सकता है। स्वीकर्ता अधिकारी से तात्पर्य शहरी क्षेत्रों में सम्बन्धित उपजिलाधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी से है। सत्यापन/जांच अधिकारी से तात्पर्य शहरी क्षेत्रों में सम्बन्धित लेखपाल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में यथास्थिति सम्बन्धित ग्राम पंचायत/ग्राम विकास अधिकारी से है।