दा दस्तक 24 न्यूज
- हजारा और रूद्रपुर में लगेंगे प्लांट, भूमि लीज पर ली गई
पूरनपुर / पीलीभीत। पूरनपुर के वाशिंदों के लिए यह एक अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने शारदा नदी के धनारा घाट पर पुल निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी र है। यह ठेका गोरखपुर की एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी के अधिकारियों ने सिद्ध नगर में डेरा डाल दिया है। पुल निर्माण के लिए हजारा और रुद्रपुर में प्लांट लगाए जाएंगे जिसके लिए ठेके पर भूमि ली गई है। वन विभाग की एनओसी शीघ्र मिलने की संभावना जताई जा रही है।
यहां के विकास को जकड़ कर रखा था। अब धनाराघाट से शारदा नदी पर 3.28 किलोमीटर लंबा पुल बनेगा। जिससे आवागमन ही नहीं बल्कि नदी के दोनों तटों के लाखों लोगों के है। भविष्य की डगर बनने जा रहा है। पुल निर्माण के लिए शासन ने 94 करोड़ रूपये की पहली किस्त भी जारी कर
दी गई थी। लेकिन वन विभाग की एनओसी जारी न होने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था इसके शीघ्र मिलने की संभावना जताई गई
पूरनपुर, धौरी-कंचनपुर मार्ग, धनाराघाट के तौर पर पहचाना जाता है। यहां शारदा नदी पुल 3,28
किलोमीटर लंबा पुल बनने जा रहा है। जिले के सांसद और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और पूरनपुर भाजपा विधायक बाबूराम पासवान के प्रयास से पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने पुल के लिए 269 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। 94 करोड़ की पहली
किस्त जारी हो गई थी। लेकिन एनओसी मिलने से मामला अटका हुआ था। उत्तर प्रदेश राज्य ब्रिज कॉरपोरेशन के अभियंताओं के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई है। ब्रिज का ठेका लखनऊ की एक फर्म को दिया गया है। गत दिनों कार्य दायी संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों ने यहां पहुंचकर निरीक्षण किया। कंपनी के अधिकारियों ने सिद्ध नगर में अपना कार्यालय खोला है। पुल निर्माण के लिए हजारा क्षेत्र में और रुपुर (अभयपुर जगतपुर) में दोनों ओर प्लांट लगाए जाएंगे। जिसके लिए ठेके पर भूमि ले ली गई है। अभियंताओं के मुताबिक बरसात से पहले दोनों प्लांट लगा दिए जाएंगे। अक्टूबर माह में पुल का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। पूरनपुर ही नहीं बल्कि पीलीभीत जनपद के लिए धनारा घाट का पुल विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
ट्रांस क्षेत्र का नामोनिशान मिटा चुकी है शारदा नदी
पूरनपुर। सन 80 के दशक से शारदा नदी ट्रांस शारदा क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों का नामोनिशान मिटा चुकी है। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि, अरबों रुपए की वन संपदा नदी की भेंट चढ़ चुकी है। सैकड़ो लोग बेघर हो चुके हैं। धनारा घाट से हजारा को जाने वाले पल और पुलिया आज भी नदी में टंगे खड़े हैं। नदी पर पक्के पुल की मांग लंबे अरसे से की जा रही थी। पुल और तटबंध बनने से सिर्फ पीलीभीत नहीं बल्कि लखीमपुर खीरी संपूर्ण नगर आदि को लाभ मिलेगा। रि हरिओम राठौर