पूरनपुर/पीलीभीत। कोतवाली की दीवार पर श्रीराम दरबार की मूर्ति लगा दी गईं। जिससे विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसके बाद ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि श्रीराम दरबार एक पूजनीय धार्मिक प्रतीक है जिसे स्वच्छ,शांत और पवित्र वातावरण में मंदिरों में स्थापित किया जाता है। लेकिन नगर कोतवाली की दीवार,जिस पर आम तौर पर लोग थूक देते हैं और गंदगी जमा होती है। वहां इस तरह की पवित्र तस्वीर लगाना न केवल धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है बल्कि सीधा अपमान भी है। ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी मूर्तियों को कहीं न कहीं राजनीतिक लाभ उठाने की मंशा से लगाया गया है,धार्मिक भावनाओं का उपयोग वोट बैंक साधने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह की हरकतें जनता के बीच तनाव का कारण बन सकती हैं।हिंदू संगठनों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि ऐसी जगहों से मूर्ति को तुरंत न हटाया गया तो वे बाध्य होकर आंदोलन की राह चुनेंगे। उन्होंने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि नगर पालिका को ऐसी मूर्ति लगाने की अनुमति आखिर क्यों दी, क्या अधिकारियों ने इस बात का ध्यान नहीं रखा कि यह स्थान धार्मिक दृष्टि से उपयुक्त नहीं है। विरोध करने वालों में त्रिभुवन शर्मा,नित्यानंद ,विनोद शर्मा,गंगाशरण,प्रवीण कुमार,कुंदन कुमार,अरुण तिवारी,राजेश मिश्रा,शैलेन्द्र सहित कई शामिल हैं।
पीलीभीत:कोतवाली की दीवार पर लगा दी गई राम दरबार की मूर्तिसूचना पर हिन्दु संगठनों ने किया विरोध, सौंपा ज्ञापन
