पीलीभीत : गन्ना विकास निदेशालय, भारत सरकार ने शरदकालीन गन्ना पौधशाला का किया निरीक्षण।

गन्ना विकास निदेशालय, भारत सरकार के निदेशक डॉ0वीरेन्द्र सिंह ने जनपद पीलीभीत की गन्ना विकास परिषद् बरखेड़ा के ग्राम उमरसड,भैसहा ग्वालपुर भसूडा, डंडिया लक्षी, सखिया में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत स्थापित शरदकालीन आधार पौधशाला (गन्ना किस्म कोशा. 13235, क्षेत्रफल – 0.441 हेक्टेयर) एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत स्थापित प्रदर्शन प्लाट का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने पौधशालाधारक कृषक सत्यपाल सिंह से विस्तृत बातचीत की और पौधशाला की स्थिति, गन्ने की वृद्धि तथा रोग एवं कीट नियंत्रण के उपायों की जानकारी प्राप्त की। कृषक सत्यपाल सिंह ने बताया कि इस प्लॉट में जैविक कीट नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रैप एवं ट्राइकोकार्ड लगाए गए हैं, जिससे कीटनाशकों का न्यूनतम उपयोग कर प्राकृतिक तरीकों से फसल को सुरक्षित किया जा रहा है। डॉ0 सिंह ने उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह गन्ने के साथ दलहन एवं तिलहन की सहफसली खेती अवश्य करे l पौध रक्षा के लिये फेरोमोन ट्रैप और ट्राइकोकार्ड की कार्यप्रणाली, उनके लाभ एवं पर्यावरण-संरक्षण में इनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान पौधशाला में मित्र कीटों की उपस्थिति भी देखी गई, जो गन्ना फसल की जैविक सुरक्षा में सहायक हैं। उन्होंने फसल की दशा, समुचित बढ़वार एवं रोग-कीटों से मुक्त स्थिति की सराहना की।

इस अवसर पर खुशी राम भार्गव जिला गन्ना अधिकारी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक बरखेड़ा, मझोला एवं बीसलपुर, प्रदीप राठी (जी. यम. केन, बरखेड़ा), अवधेश कुमार मुख्य गन्ना अधिकारी बीसलपुर चीनी मिल, सचिव बीसलपुर सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे। यह निरीक्षण न केवल तकनीकी मार्गदर्शन के लिए उपयोगी रहा, बल्कि जैविक विधियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।