पीलीभीत : विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित ?

नेहरू युवा केंद्र के तत्वाधान में आज सुमन कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन और इसके रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इस वर्ष 2025 की थीम “हां, हम टीबी समाप्त कर सकते हैं। प्रतिबद्ध निवेश, परिणाम है” रखी गई है।
इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा में दिव्या, विवेक वर्मा और यामिनी देवी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिन्हें प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। संस्थान की प्रबंधिका सुरभि सक्सेना ने बताया कि प्रत्येक वर्ष क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक नई थीम निर्धारित की जाती है, जिससे इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।

संस्थान के संस्थापक सौरभ सक्सेना ने कहा कि क्षय रोग अभी भी दुनिया की बड़ी बीमारियों में से एक है। वर्ष 2000 से अब तक किए गए वैश्विक प्रयासों के कारण लगभग 7 करोड़ लोगों की जान बचाई जा चुकी है। यह बीमारी बैक्टेरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होती है, जो आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों को भी संक्रमित कर सकता है। रिसोर्स पर्सन लक्ष्मीकांत शर्मा ने क्षय रोग के लक्षण, बचाव और इलाज पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि हर संक्रमित व्यक्ति बीमार नहीं होता। यदि किसी व्यक्ति में संक्रमण तो है लेकिन कोई लक्षण नहीं हैं, तो इसे निष्क्रिय या गुप्त टीबी कहा जाता है। क्षय रोग के इलाज के लिए दवाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में लगभग 6 माह से 1 वर्ष का समय लग सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को जन्म के एक माह के अंदर बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए। रोगी को खासते या छींकते समय मुंह ढकना चाहिए और इधर-उधर थूकने से बचना चाहिए। क्षय रोगी को समाज में छिपाने के बजाय उसका उचित इलाज कराना चाहिए। सरकार “क्षय रोग मुक्त भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित है, और इसमें समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अभिषेक और सोनू का विशेष योगदान रहा।

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