पीलीभीत /जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मानव वन्यजीव संघर्ष नियंत्रण की समीक्षा बैठक गांधी सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में उन्होंने कहा कि वन्यजीव एवं मानव संघर्ष को कम करने के लिए समस्त अधिकारियों से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वन सीमा के किनारे स्थित अतिसंवेदनशील ग्रामों के ग्रामीणों को जागरूक करने तथा वन सीमा के किनारे स्थित खेतों में गन्ने की फसल की जगह अन्य फसले हल्दी, औषधिऐं फसल उगाये जिससे यहां कि किसानों की आय में वृद्वि हो सके तथा मानव एवं वन्यजीव संघर्ष में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे खेतों में किसान अकेले कार्य न करें और खेतों पर समूह में कार्य करे तथा अपने साथ लाठी डण्डे आदि रखें। बच्चों को अपने साथ खेतों पर न ले जाये। बैठक में अवगत कराया गया कि वन सीमा के किनारें स्थित ग्रामों में स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य किया जा रहा है।
बैठक में डीएफओ द्वारा अवगत कराया गया कि टाइगर हमलों वाले स्थानों को चिन्हित किया गया और ऐसे स्थानों पर तार फेसिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि वन्य जीव जंगल से बाहर आने सूचना प्राप्त होने तत्काल टीम मौके पर पहुंच कर वन्यजीव का रूख जंगल की ओर किया जाये, जिससे की कोई अप्रिय घटना न घटित होने पाए। इसके साथ शिक्षा विभागों को निर्देशित किया गया वन क्षेत्रों के ग्रामों में वन्यजीव एवं मानव संघर्ष की रोकथाम हेतु विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया जाये।
बैठक में जिलाधिकारी ने ड्रोन कैमरा, थर्मल ड्रोन, कैमरा टेªप, एनाइडर, जीपीएस मशीनों का प्रयोग, नाईट विजन वायनाकुलर की जानकारी ली एवं एमस्ट्राइपस बेस पेट्रोलिंग एवं आधुनिक तकनीकी के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिये।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक यादव, मुख्य विकास अधिकारी, डीएफओ टाईगर रिजर्व, डीएफओ सामाजिक वनिकी, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
पीलीभीत:वन्यजीव एवं मानव संघर्ष को रोकने हेतु समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न।
