पटना:बोधगया मंदिर सलाहकार बोर्ड का गठन, दस बौद्ध देशों के राजदूत बने सदस्य।

पटना:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 जुलाई 2025 राज्य सरकार ने बोधगया मंदिर की समुचित देखरेख, विकास और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध समुदाय से बेहतर समन्वय के लिए बोधगया मंदिर सलाहकार बोर्ड का गठन कर इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस नवगठित बोर्ड में कुल 25 सदस्य शामिल किए गए हैं, जिसमें दस बौद्ध देशों के राजदूत, देश के चार बौद्ध सदस्य और राज्य तथा केंद्र सरकार से जुड़े 11 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को मिली प्राथमिकता

बोर्ड में भूटान, थाईलैंड, श्रीलंका, म्यांमार, जापान, कंबोडिया, मंगोलिया, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और लाओस जैसे प्रमुख बौद्ध देशों के राजदूतों को शामिल किया गया है। यह कदम बोधगया की वैश्विक पहचान और बौद्ध अनुयायियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

देश के चार प्रमुख बौद्ध प्रतिनिधि भी सदस्य

भारत की ओर से दलाई लामा के प्रतिनिधि, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश या लद्दाख सरकार के धर्म विभाग के सचिव, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के महासचिव और बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति के पूर्व सदस्य सचिव रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नांगजे दोरजे को बोर्ड में शामिल किया गया है।

प्रशासनिक और संस्थागत प्रतिनिधित्व

बोर्ड में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव, पर्यटन मंत्रालय और बिहार सरकार के पर्यटन तथा कला-संस्कृति विभाग के सचिव, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के महानिदेशक, गया से सांसद व बोधगया के विधायक, मगध प्रमंडल के आयुक्त, मगध रेंज के आईजी, गया के जिलाधिकारी और बोधगया नगर परिषद के अध्यक्ष को भी जगह दी गई है।

कार्यकाल और अध्यक्षता

बोर्ड के सभी सदस्य दो वर्ष के कार्यकाल तक सलाहकार भूमिका में रहेंगे। बोर्ड की बैठक किसी भी उपलब्ध बौद्ध देश के राजनयिक की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। यह बोर्ड बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति को सुझाव देने और राज्य सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने में सहायक होगा।

सांस्कृतिक कूटनीति की दिशा में बड़ा कदम

यह सलाहकार बोर्ड न केवल बोधगया की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगा, बल्कि भारत-बौद्ध देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को भी और सुदृढ़ बनाएगा।

बोधगया, जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, आज भी विश्व भर के बौद्ध अनुयायियों के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। इस कदम से बोधगया के वैश्विक महत्व को और बल मिलेगा।