फतेहगढ़ पुलिस की नई पहल: “नारी शक्ति की प्रहरी- महिला पुलिस पंचायत” कार्यशाला का आयोजन।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 जुलाई 2025 जनपद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के नेतृत्व में महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम उठाते हुए थाना अमृतपुर, महिला थाना एवं साइबर क्राइम थाना के संयुक्त तत्वावधान में “नारी शक्ति की प्रहरी – महिला पुलिस पंचायत” नामक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम थाना अमृतपुर क्षेत्र स्थित जूनियर हाई स्कूल अमृतपुर के प्रांगण में सम्पन्न हुआ।

कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम, उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता तथा पुलिस और समाज के बीच विश्वास को सशक्त करना रहा। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी अमृतपुर/क्राइम श्री अजय वर्मा ने भी जनसमुदाय को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।

🔹 कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:

ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना गया।

महिला हेल्पलाइन (1090), आपातकालीन सेवा (112), साइबर हेल्पलाइन (1930) सहित अन्य महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी गई।

घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई।

महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और डिजिटल सुरक्षा के प्रति प्रेरित किया गया।

🔹 साइबर सुरक्षा के लिए दिए गए सुझाव:

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।

मजबूत और यूनिक पासवर्ड का प्रयोग करें।

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग अनिवार्य करें।

संदिग्ध लिंक व ईमेल से सतर्क रहें।

केवल सुरक्षित (https://) वेबसाइटों पर ही लेन-देन करें।

सार्वजनिक Wi-Fi पर गोपनीय जानकारी शेयर न करें।

साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

🔹 पुलिस अधीक्षक ने कही अहम बातें:

कार्यक्रम के दौरान एसपी आरती सिंह ने स्पष्ट किया कि यह पहल महिलाओं को एक सुरक्षित, सुलभ व भरोसेमंद मंच देने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है। उन्होंने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

🔹 महिला बीट पुलिसिंग को मिला बढ़ावा:

प्रत्येक बीट में एक महिला कांस्टेबल की तैनाती।

महिला आरक्षियों के मोबाइल नंबर गाँव की प्रत्येक महिला और बच्ची को उपलब्ध कराए जाएंगे।

महिला आरक्षी प्रतिदिन अपने बीट में भ्रमण कर समस्याएँ सुनेंगी और बीट बुक में दर्ज करेंगी।

प्रत्येक रविवार को गाँवों में महिला पुलिस पंचायत आयोजित कर संवाद और समाधान का वातावरण बनाया जाएगा।

इस कार्यक्रम ने क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त करने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस तंत्र के प्रति विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध किया है। आने वाले समय में ऐसी पहलें ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं।