फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 जुलाई 2025 कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के महत्वपूर्ण पत्र के अनुपालन में आज फर्रुखाबाद जनपद में कीटनाशी विक्रेताओं की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य कृषि रक्षा रसायनों की गुणवत्ता बनाए रखना एवं नियमों के अनुसार उनका उत्पादन, भंडारण व विक्रय सुनिश्चित करना था। बैठक की अध्यक्षता जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने की, जिसमें श्री रामप्रकाश (वरिष्ठ प्राविधिक सहायक, ग्रुप-ए) एवं श्री ज्ञानेन्द्र सिंह (वरिष्ठ प्राविधिक सहायक, ग्रुप-वी) भी उपस्थित रहे।
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष रूप से जोर दिया गया:
1. बिना लाइसेंस के विक्रय पर रोक: किसी भी विक्रेता को अनाधिकृत रूप से कृषि रक्षा रसायनों का उत्पादन, भंडारण, वितरण एवं विक्रय नहीं करना है।
2. स्टॉक पंजिका अनिवार्य: सभी लाइसेंसधारी विक्रेताओं को प्रमाणित स्टॉक पंजिका रखना अनिवार्य है, जिस पर नियमित विवरण दर्ज हो और निरीक्षण के समय प्रस्तुत किया जाए।
3. कैश मीमो की अनिवार्यता: हर विक्रय के साथ किसानों को कैश मीमो जारी किया जाना अनिवार्य किया गया।
4. प्राधिकार पत्रों का अंकन: केवल उन्हीं कंपनियों के उत्पादों का विक्रय किया जाए जिनके प्राधिकार पत्र लाइसेंस पर अंकित हों। अन्य किसी कंपनी के उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है।
5. नकली व अधोमानक रसायनों पर सख्ती: सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे नकली, अधोमानक एवं कालातीत रसायनों का किसी भी स्थिति में विक्रय न करें।
6. सूचना प्रदर्शित करना जरूरी: सभी प्रतिष्ठानों पर कीटनाशी लाइसेंस की प्रति, रेट बोर्ड और “ग्रो सेफ फूड – नकली, मिलावटी, अनाधिकृत कीटनाशकों से सावधान” अभियान का पोस्टर चस्पा करना अनिवार्य किया गया है।
अंत में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी विक्रेता द्वारा निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो उसके विरुद्ध कीटनाशी अधिनियम 1968 व नियमावली 1971 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की होगी।
