फर्रुखाबाद में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई: 29 दुकानों पर छापा, 13 नमूने लिए गए, 3 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 जुलाई 2025 किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से उ.प्र. शासन के निर्देश पर फर्रुखाबाद जनपद में 16 जुलाई को बड़ी छापेमारी की गई। जिलाधिकारी श्री आशुतोष कुमार द्विवेदी के आदेश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें जनपद के तीनों तहसीलों — सदर, अमृतपुर और कायमगंज — में एक साथ उर्वरक प्रतिष्ठानों की जाँच की गई।

इस विशेष अभियान में कुल 29 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया तथा 13 उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट में अमानक स्तर की पुष्टि होने पर सम्बन्धित विक्रेताओं पर कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

तीन विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

कार्यवाही के दौरान तीन प्रतिष्ठान बंद मिले और विक्रेता बिना किसी सूचना के गायब पाए गए। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण इन तीन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं:

1. मेसर्स छोटू फर्टिलाइजर्स, हथियापुर

2. मेसर्स न्यू माँ गायत्री बीज भण्डार, अमृतपुर

3. मेसर्स हरियाली कृषक सेवा केन्द्र, फैजबाग

इन प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण के समय कोई जवाबदेह व्यक्ति नहीं मिला, जिससे जाँच नहीं की जा सकी।

छापेमारी दल में कौन-कौन थे

सदर तहसील: जिला कृषि अधिकारी एवं आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी

अमृतपुर तहसील: उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी एवं अपर जिला कृषि अधिकारी

कायमगंज तहसील: उप कृषि निदेशक एवं सहायक निबंधक सहकारिता

जिला कृषि अधिकारी श्री बी.के. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में छापेमारी अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। यदि कोई भी विक्रेता निम्नलिखित अनियमितताओं में लिप्त पाया गया:

टैगिंग के माध्यम से अनिवार्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनावश्यक बिक्री

निर्धारित मूल्य से अधिक पर उर्वरक बेचना

बिना पीओएस मशीन के आधार अंकन के बिक्री करना

बिना खसरा खतौनी/जोतवही देखकर अनुशंसित मात्रा से अधिक बिक्री…तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के लिए अपील

जिला प्रशासन ने जनपद के किसान भाइयों से अपील की है कि वे अनावश्यक उर्वरक भंडारण से बचें। जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। किसान संतुलित मात्रा में और वैज्ञानिक पद्धति से उर्वरकों का प्रयोग करें ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे और फसल की गुणवत्ता व उत्पादन में वृद्धि हो।