रमजान मुबारक का पहला असरा 1से 10 दिन रहमत रमजान का दूसरा असरा 11से 20 दिन माफिरत का तीसरा असरा 21से 31आखिरी 10 दिन जहन्नम से निजात नरक की आग से मुक्त का समय माना जाता है यह 21 वे रोजे से होकर रात चांद तक रहता है जिसमें इबादत एतिकाफ मस्जिद में एकान्तबास और सावे कद की तलाश की जाती है और इस दौरान अधिक से अधिक इबादत कुर्बान की तिलावत नवाज और विषेश दुआओ पर जोर दिया जाता है इसमें पिछली गलतियों से तौवा की जाती है सवे कद की रात भी इस अशरे में आती जो हजारों महीने की बेहतर मानी जाती है रोजेदार रमजान के आखरी 10 दिनो में अल्लाह से अपने पहले गुनाहों की माफी रोकर गिड़गिड़ा कर नवाज के जरिए माफ करवा लेता है क्योंकि अल्लाह ताला हर बंदे को माफ कर देता है इस्लाम धर्म मानवता और भाई चारा मानवता धर्म के सामने सब बराबर है इस माह में रोजेदारों को रोज समाज से की इफ्तार नन्हे खान हाजी ओशाफनवी इकरार खान सरफुद्दीन इदरीश अतीक अभिषेक आदि लोग मौजद रहे
मैनपुरी: थाना बिछवा क्षेत्र के जिरौली में हुआ रोजा इफ्तार
