शाक्य मुनि बुद्ध संकिसा में चल रहे दस दिवसीय श्रामणेर प्रवज्या शिविर और सम्राट अशोक जयंती कार्यक्रम में सपरिवार पहुंचे म्यांमार के राजनयिक महामहिम जॉ ओ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा की मैं पहली बार संकिसा आया हूँ जो की मेरे लिए गर्व की बात है . संकिसा को मैं और मेरा देश म्यांमार पावन स्थान मानते हैं . म्यांमार और भारत के मजबूत रिश्ते बौद्ध धर्म के कारण हैं . आज मनाई जा रही सम्राट अशोक जयंती भारत के महान इतिहास की याद दिलाती है . इस दौरान म्यांमार में आई आपदा के लिए जो सहयोग मिला है उसके लिए भारत के लोगों का धन्यवाद देता हूँ .
गौरतलब है की इस आयोजन के दौरान कुशीनगर के बौद्ध भिक्षु नन्द रत्न को म्यांमार की खास उपाधि “सधम्मज्योतिकाधजा” से सम्मानित किया गया . इस आयोजन में बौद्ध भिक्षु नन्द रत्न , बौद्ध भिक्षु धम्मपाल , बौद्ध भिक्षु धम्मरक्षित , बौद्ध भिक्षु ओम नंदा , भिक्षु आनंद कीर्ति आदि ने अपने विचार प्रकट किये . इस आयोजन में म्यांमार के राजनयिक महामहिम जॉ ओ को म्यांमार आपदा के लिए एक लाख पैसंठ हजार रूपये सहयोग राशि दी गई . कार्यक्रम में दिनेश प्रियदर्शी , पंचम आढ़ती , सतेंद्र शाक्य , आदर्श कुमार शाक्य , सुशिल शाक्य , रूपलाल शाक्य , सुमित , स्वेकान्त, भूपेंद्र शाक्य , रूपलाल, डॉ रक्षपाल शाक्य , राजेंद्र बौद्ध और सैकड़ों उपासक उपस्थित रहे . कार्यक्रम का संचालन बौद्ध भिक्षु अलोक ने किया .
विशेष : आदर्श कुमार शाक्य (सम्पादक दस्तक मीडिया ग्रुप)
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