गोला गोकर्णनाथ – छोटी काशी गोला में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिशाल माने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व नामित सभासद् रफी अहमद हिन्दू मुस्लिम दोनों धर्मों के पर्वों को धूमधाम से मिल जुलकर मनाते है। रफी अहमद ने बताया कि दुर्भाग्यवश मेरे कोई भी सगी बहन नहीं है मैं दीदी ऊषा वर्मा को ही अपनी सगी बहन मानता हूं और ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूं कि हर जन्म में यह मेरी बहन हो और मैं उनका भाई बनूं।बता दें कि रफी अहमद पूर्व राज्यसभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा की भाभी व स्व0 सतीश वर्मा की पत्नी ऊषा वर्मा से लगभग 43 वर्षों से राखी व भाई दूज का टीका लगवाते आ रहे है इस बार रक्षाबंधन पर्व पर भी उन्होने प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अपनी मुंहबोली बहन से राखी बंधवाकर हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिशाल कायम की। उन्होंने बताया कि मेरी बहन ऊषा वर्मा 43 वर्षों से मुझे प्रतिवर्ष राखी बांधती आ रही हैं व भैया दूज पर्व पर टीका लगाती है और मेरी लम्बी उम्र की कामना करती है इसी के साथ मैं भी अपनी बहन की जीवन भर रक्षा करने का संकल्प लेता हूं। उन्होंने बताया कि पर्व हमेशा खुशियां लाते है भाई बहन के पर्व की महत्तवता को समझना चाहिए क्योंकि भाई-बहन के पाक रिश्ते से बढ़कर शायद और कोई रिश्ता नहीं है। युवा से मैं प्रौढ़ावस्था की ओर बढ़ रहा हूं लेकिन मेरी बहन से पावन रिश्ता आज भी कायम है और मेरे मरते दम तक हमेशा कायम रहेगा। क्योंकि बहन एक अनमोल शख्सियत होती है जिसे हर भाई के नसीब में नहीं होती हैं और मैं इस अजीम रिश्ते को हमेशा अपनी यादों में बसाए रखना चाहता हूँ।
संवाददाता – अनुज कुमार गुप्ता
लखीमपुर खीरी : पत्रकार रफी अहमद ने मुंहबोली बहन से राखी बंधवाकर हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिशाल कायम की
