फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 20 अगस्त 2025 बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित रहे और किसानों को खेती, पशुपालन तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण कपिल कुमार, उप कृषि निदेशक अरविंद मोहन मिश्र, जिला कृषि अधिकारी बी०के० सिंह, पर्यावरण विशेषज्ञ गुंजा जैन, वैज्ञानिक डॉ० अभिमन्यु यादव व डॉ० महेन्द्र प्रसाद कृषि विज्ञान केंद्र जाजपुर बंजारा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ० धीरज कुमार शर्मा, जिला आलू एवं शाकभाजी अधिकारी राघवेन्द्र सिंह, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत सुशील कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक (बैंक ऑफ इंडिया) आर०के० राठौर, सचिव मंडी समिति सातनपुर अनूप कुमार दीक्षित, मत्स्य निरीक्षक चंद्रिका प्रसाद, खाद्य एवं रसद विभाग से पुरुषोत्तम दास, इफको से क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार यादव, पीसीएफ के सहायक प्रबंधक विपिन कुमार, लघु सिंचाई विभाग से सहायक अभियंता चंद्रकांत शर्मा, नगर पालिका से अधिशाषी अभियंता विनोद कुमार, नलकूप विभाग से शशांक कुमार निगम, सिंचाई विभाग से शिवांशु बाजपेयी, यूपी डॉस्प से जिला परियोजना समन्वयक डॉ० सत्येन्द्र प्रताप सिंह, पीडब्ल्यूडी से अधिशाषी अभियंता बिनोद कुमार, जल निगम (ग्रामीण) से सहायक अभियंता नितिन वर्मा, गन्ना विभाग से शिव नरेश, विद्युत विभाग से अजय कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी रामप्रकाश, वन दरोगा मोहित शर्मा सहित अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों के लिए प्रमुख घोषणाएं और निर्देश
◆फसल बीमा योजना:
उप कृषि निदेशक ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की। जनपद में खरीफ सीजन की धान, मक्का, बाजरा और तिल फसलें बीमा से आच्छादित हैं। बीमा की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तय की गई है। ऋणी कृषक बैंक से और गैर-ऋणी कृषक जनसेवा केंद्र से बीमा करा सकते हैं।
◆उर्वरक की उपलब्धता:
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में 3 रैक उर्वरक उपलब्ध हैं। किसानों से अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की गई। वितरण अब POS मशीन से किया जा रहा है, जिसमें किसान आधार कार्ड और खातौनी के आधार पर अंगूठा लगाकर निर्धारित क्षेत्रफल अनुसार ही उर्वरक प्राप्त करेंगे। मूल्य से अधिक पर बिक्री करने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई होगी। अब तक 7 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं।
◆पर्यावरण संरक्षण:
पर्यावरण विशेषज्ञ श्रीमती गुंजा जैन ने चेतावनी दी कि अत्यधिक रसायन और उर्वरक प्रयोग से खेतों की उर्वरता घट रही है और मानव जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है। किसानों से संतुलित खाद और रसायन उपयोग करने का अनुरोध किया गया।
◆कृषि वैज्ञानिकों की सलाह:
डॉ० अभिमन्यु यादव ने किसानों को ट्राईकोड्रमा पाउडर, नीम ऑयल, ब्युवेरिया बेसियाना जैसे जैविक उपायों से फसलों को कीट व रोगों से बचाने की सलाह दी। उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग और हरी खाद, गोबर की खाद तथा जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी में जीवाश्म कार्बन बढ़ाने पर जोर दिया। किसानों से किचन गार्डन विकसित करने की अपील की गई।
◆बागवानी और बीज उपलब्धता:
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसान विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कर फाउंडेशन बीज (कुफरी व चिपसोना प्रजाति) प्राप्त कर सकते हैं। स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वालों को तारबंदी व मल्चिंग पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
◆पशु स्वास्थ्य:
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि लम्पी वायरस और FMD रोग से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान 5 सितम्बर 2025 तक चलेगा। सभी पशुपालक अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराएं।
◆बाढ़ प्रभावित क्षेत्र:
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित ग्रामों में राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
◆समापन
बैठक में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, फसल बीमा कराने, उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ सभी पात्र किसानों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाएगा।
