सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेवारत शिक्षकों पर अचानक लागू की गई टीईटी का विरोध लगातार जारी है। जनपद में दिन प्रतिदिन विरोध करने वाले शिक्षकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडे के आव्हान पर 10 सितंबर से शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता को हटाए जाने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश के शिक्षक आंदोलित हैं। आंदोलन की शुरुआत जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर हुई। तत्पश्चात जनप्रतिनिधियों सदर विधायक देवेंद्र राजपूत, एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी एवं बेसिक शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजे गए। अब आंदोलन के तीसरे चरण में 22 सितंबर से लगातार शिक्षकों द्वारा हाथ में काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इस दौरान मंगलवार को जनपद के कंपोजिट स्कूल मौसमपुर, सहावर, समसपुर, भैंसोरा खुर्द, इस्माइलपुर, मनौनी, कुमरौआ, याकूतगंज, उच्च प्राथमिक विद्यालय अभयपुरा, उकुर्री, ब्रह्मपुरी, नगला वाले, ददवारा, प्राथमिक विद्यालय अनंगपुर, बड़वारी कला सहित सैकङों विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया गया। प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मुनेश राजपूत ने बताया कि राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के आव्हान पर यह अभियान 15 अक्टूबर तक निरंतर जारी रहेगा। अगले सप्ताह शिक्षक काली पट्टी बांधकर विरोध करने के साथ मुख्य न्यायाधीश को हस्ताक्षर अभियान चलाकर पत्र भेजकर न्याय की मांग करेंगे। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने बताया कि संगठन ने एक तरफ सर्वोच्च न्यायालय में शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखने का फैसला लिया है वहीं दूसरी तरफ आंदोलन से भी समर्थन जुटाने का प्रयास है। यदि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को नहीं माना गया तो अतिशीघ्र राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा प्रदेश अथवा राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन घोषित किया जाएगा। जिला कोषाध्यक्ष राजवीर सिंह ने शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में काली पट्टी बांधकर मौन विरोध जताने हेतु अनुरोध किया है।
कासगंज : टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन लगातार जारी ?
