प्रदेश सरकार द्वारा प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल शिक्षक के पदों पर नियुक्ति हेतु चल रही भर्ती प्रक्रिया के क्रम में राज्य के विभिन्न जनपदों में चरणबद्ध ढंग से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। यह संपूर्ण प्रक्रिया बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में संचालित की जा रही है।
उपरोक्त संदर्भ में यह अवगत कराना आवश्यक है कि जनपद कासगंज में दिनांक 28 मार्च 2025 से 5 अप्रैल 2025 तक सेवा योजन पोर्टल के माध्यम से ECCE पद हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। तथापि, इस जनपद की विज्ञप्ति में न्यूनतम 3 वर्षों के कार्यानुभव को एक अनिवार्य अहर्ता के रूप में अंकित किया गया, जबकि राज्य के शेष 74 जनपदों में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी गई।
यह भी उल्लेखनीय है कि जनपद फिरोजाबाद में पूर्व में इसी प्रकार की अनुभव-आधारित शर्त लागू की गई थी, किंतु जन-सामान्य की आपत्ति एवं व्यापक अभ्यर्थी-वर्ग के विरोध के उपरांत सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा उक्त विज्ञप्ति को निरस्त करते हुए अनुभव की शर्त हटाकर पुनः आवेदन आमंत्रित किए गए।
इस प्रकार की स्थिति में केवल कासगंज ही एकमात्र ऐसा जनपद रह गया है जहाँ यह अन्यायपूर्ण व भेदभावकारी शर्त अब भी लागू है, जिसके फलस्वरूप जिले के अनेक अर्ह, पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह गए हैं। यह न केवल समान अवसर के संविधानिक अधिकार (Right to Equality of Opportunity in Public Employment – Article 16) का उल्लंघन है, अपितु शासन की पारदर्शी और समावेशी भर्ती प्रक्रिया की भावना के भी प्रतिकूल है।
- वर्तमान विज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए;
- तीन वर्षों के अनुभव की अहर्ता को हटाया जाए;
- और पुनः सभी अभ्यर्थियों के लिए समान व न्यायसंगत शर्तों के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए जाएं
