कासगंज:डॉ भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि एवं शौर्य दिवस पर आयोजित की विचार गोष्ठी

पटियाली नगर के श्री जगदीश स्वरूप सरस्वती शिशु विद्या मंदिर पटियाली में डॉ भीमराव अंबेडकर परिनिर्माण दिवस एवं शौर्य दिवस की उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें तहसील संयोजक अम्बुज द्विवेदी, कार्यक्रम अध्यक्ष सत्यराम शर्मा सहखंड कार्यवाह, मुख्य वक्ता नरेंद्र कुमार प्रधानाचार्य शिशु/विद्या मंदिर पटियाली ने एक साथ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर विचार गोष्ठी का शुभारंभ किया इस दौरान मुख्य वक्ता ने बताया बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी का परिनिर्वाण 6 दिसंबर, 1956 को हुआ। वे आज भी दलितों पिछड़ों और वंचितों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और भारतीय संविधान के माध्यम से उनके अधिकारों और समानता के लिए किए गए योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। वहीं मुख्य अतिथि तहसील संयोजक अम्बुज द्विवेदी ने बताया डॉ. भीमराव अंबेडकर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी भूमिका है, जिसके कारण उन्हें संविधान का जनक माना जाता है। उन्होंने सामाजिक न्याय, जातिगत भेदभाव से मुक्ति और दलितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में काम किया और हिंदू कोड बिल जैसे कानूनों को आधुनिक बनाने का प्रयास किया। कार्यक्रम अध्यक्ष ने 1992 में आज के ही दिन अयोध्या में स्थित विवादित ढांचा (जिसे बाबरी मस्जिद कहा जाता था) कारसेवकों की भारी भीड़ द्वारा ढहा दिया गया था. इसी दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष ने सभी का आभार व्यक्त किया इस दौरान तहसील संयोजक अम्बुज द्विवेदी, सत्यराम शर्मा, प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार, गोविंद मिश्रा, मुकेश बाबू, सुशील कुमार, संजीव आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे