कासगंज : पटियाली तहसील में अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय नवादा पर जागरूक किया

पटियाली तहसील में आज अधिवक्ताओं के बीच समाजसेवी एडवोकेट अब्दुल हफीज गांधी ने मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय – नवादा (पटियाली तहसील) के इतिहास और महत्व पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने अधिवक्ताओं को बताया कि यह विद्यालय फरवरी 2024 में पटियाली तहसील के नवादा गांव के लिए स्वीकृत हुआ था, जिसके लिए सरकार ने ₹23 करोड़ की राशि जारी की थी। पहली किश्त ₹11.92 करोड़ की राशि विशेष रूप से नवादा स्कूल निर्माण के लिए दी गई थी।

अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि – “यह विद्यालय केवल एक इमारत नहीं बल्कि हमारे गरीब, दलित, पिछड़े, किसान और मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए सुनहरा भविष्य है। सहावर तहसील में पहले से ही जवाहर नवोदय विद्यालय मौजूद है, जबकि पटियाली तहसील के बच्चों को आज तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रखा गया है। अब प्रशासन की मिलीभगत से नवादा में स्वीकृत यह विद्यालय सहावर तहसील के बड़ागांव ले जाया जा रहा है, जो सरासर अन्याय और हकमारी है।”

उन्होंने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि – “20 मई 2025 को जब यह विद्यालय कागजों में नवादा, पटियाली तहसील के नाम पर दर्ज था, तब किस आधार पर माननीय मुख्यमंत्री से सहावर तहसील के बड़ागांव के नाम पर उद्घाटन करा लिया गया? क्या यह जनता के साथ धोखा नहीं है? क्या जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा अधिकारी कासगंज कानून और संविधान से ऊपर हैं?”

गांधी जी ने जनता से अपील करते हुए कहा – “यह लड़ाई बच्चों के भविष्य की है। मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे इस हक की लड़ाई में साथ खड़े हों, चौक-चौराहों पर चर्चा करें और सोशल मीडिया पर आवाज़ उठाएं। जरूरत पड़ी तो यह लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी।”

इस मौके पर अधिवक्ताओं ने भी विद्यालय बचाओ अभियान में अपना समर्थन दिया।

जन-जागरूकता अभियान में तारिक अली फारूकी, एडवोकेट कुंवर पाल यादव, एडवोकेट दीपक यादव, इरशाद अली, उर्वेश शाक्य, श्याम पाल, कन्हैया शर्मा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे और उन्होंने इस आंदोलन में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।

अब्दुल हफीज गांधी इससे पहले 25 किमी “स्कूल बचाओ साइकिल यात्रा” निकाल चुके हैं और लगातार गली-गली, बाजार-बाजार जाकर लोगों को पर्चे बांटकर जागरूकता फैला रहे हैं।

📌 नारा गूंज रहा है –

“पटियाली तहसील के लिए आया हुआ स्कूल पटियाली तहसील में ही बनना चाहिए”

“स्कूल बचाना है – भविष्य बनाना है”