ग्रामीणों ने बताया कि नगला हंसी से राजेपुर कुर्रा तक तत्काल बांध का निर्माण कराया जाए ताकि हर साल आने वाली बाढ़ से लोगों की फसलें और घर बार सुरक्षित रह सकें। बर्बाद हुई फसलों का किसानों को मुआवजा दिया जाए, किसानों पर चढ़े केसीसी लोन को माफ किया जाए और बाढ़ प्रभावित किसानों के बिजली के बिल माफ किए जाएं। इसके साथ ही राजेपुर कुर्रा से वहोरा तक सड़क की मरम्मत कराई जाए और राजेपुर कुर्रा से नकारा के बीच स्थित रफ्टा पुल को ऊंचा किया जाए जिससे लोगों का आना-जाना सुगम हो सके। ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि गांव में डॉक्टरों की टीम तत्काल भेजी जाए और राजेपुर कुर्रा की बिजली आपूर्ति को नकारा से जोड़ा जाए ताकि आपूर्ति नियमित रह सके।
अब्दुल हफीज गांधी ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि गांव की समस्याएं मेरी अपनी समस्याएं हैं। यहां के लोगों ने जो पीड़ा और मांगें मेरे सामने रखी हैं, उन्हें पूरी गंभीरता से शासन-प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। मैं तब तक संघर्ष करूंगा जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।
रात्रि प्रवास के बाद प्रातःकाल अब्दुल हफीज गांधी ने नगला जेली और नगला चतुरी का भी दौरा किया। यहां भी उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को भी प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा।
इस रात्रि प्रवास कार्यक्रम में नारायण सिंह यादव, भारत सिंह, जसवीर सिंह, केपी यादव, श्याम पाल सिंह, सुखबीर सिंह, चौब सिंह, अशोक कुमार, मनमोहन, अनुज, सुखवीर, विनोद कुमार, संजीव, सुखराम, राकेश, उदयवीर, नितेश कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
