(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जून 2025 कला और साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था कलार्पण द्वारा विश्व संगीत दिवस एवं संस्था के स्थापना दिवस के अवसर पर एक भव्य विचार एवं संगीत गोष्ठी का आयोजन शहर के महादेव प्रसाद स्ट्रीट स्थित नटराज भवन में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि समाजसेवी संजय गर्ग, वरिष्ठ साहित्यकार राम अवतार शर्मा ‘इंदु’, डॉ. सर्वेश श्रीवास्तव और राम मोहन शुक्ल उपस्थित रहे। इस अवसर पर कला, साहित्य और संगीत की त्रिवेणी कहे जाने वाले आचार्य ओम प्रकाश मिश्र ‘कंचन’ को श्रद्धांजलि स्वरूप याद किया गया।
गोष्ठी के दौरान “लोक जीवन में संगीत का महत्व” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने संगीत के सामाजिक और आध्यात्मिक पक्षों को रेखांकित किया। वरिष्ठ कवि राम अवतार शर्मा ‘इंदु’ ने कहा कि “संगीत आत्मा को तृप्त करने वाली वह ध्वनि है, जो मानवीय विकारों को दूर कर जीवन में औषधि का कार्य करती है।” उन्होंने आचार्य कंचन जी के संगीत व साहित्यिक योगदान को भी याद किया, जिन्होंने फर्रुखाबाद की ठुमरी शैली और ‘फर्रुखाबादी घराना’ को विश्वपटल पर पहचान दिलाई।
कार्यक्रम की सबसे भावपूर्ण प्रस्तुति युवा बाँसुरी वादक रुद्राक्ष पाठक की रही, जिन्होंने अपनी बाँसुरी वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए कहा, “संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, यह साधना से समाधि तक की यात्रा है।” कार्यक्रम के अंत में उन्हें संगीत साधना के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. सर्वेश श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। संचालन गौरव पांडेय ने किया और आयोजन की व्यवस्था में दिलीप कश्यप एवं राम मोहन शुक्ल सक्रिय रहे। इस मौके पर प्रियांशु पांडेय, विशाल श्रीवास्तव, अनुराग दीक्षित, गुड्डू अग्रवाल, नीरज शर्मा, राहुल वर्मा, मनोज कश्यप, संजीव वर्मा सहित शहर के अनेक संगीतप्रेमी व साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
