जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग के द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में लगभग 51 लाख 57 हजार 980 पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि समस्त विभागों द्वारा गडढा खुदान कार्य अतिशीघ्र पूर्ण कर लिया जाये। समस्त विभागों के द्वारा वृक्षारोपण हेतु निर्धारित तिथि पर पौध उठान का कार्य शतप्रतिशत पूर्ण कर ले।
माननीय मंत्रीगण / माननीय सासंद/विधायकगण की प्रतिभागिता में आयोजित होन वाले वृक्षारोपण समारोह में आयोजन हेतु स्थल चयन एवं कार्यक्रम के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन तथा कार्यक्रम में प्रतिभागिता हेतु आवश्यक तैयारी के संबंध मे दिशा निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस थानों, गो-आश्रय स्थल में भी वृक्षारोपण किया जाए। विद्यालयों में सहजन, आंवला, नींबू जैसे फलदार वृक्ष लगाए जाएं कासगंज जिलाधिकारी ने इस अभियान में जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए। समस्त सरकारी/गैर सरकारी संस्थाएं, सिविल सोसाइटी, एन०सी०सी०/एन०एस०एस०, नेहरू युवा केन्द्र, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल, रोटरी/रोट्रैक्ट, लायन्स क्लब, इको कल्प, लोक भारती, व्यापार मण्डल, किसान उत्पादक संगठन आदि की प्रतिभागिता सुनिश्चित की जाए। स्कूलों, कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों द्वारा कार्यक्रमों के आयोजन के माध्यम से जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
वृक्षारोपण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था एवं जियो टैगिंग की स्थिति पर चर्चा की गई। पेड़ लगाओं पेड़ बचाओं जन अभियान-2025 के दिन प्रदेश के समस्त विभागों के प्रत्येक कर्मचारी एवं अधिकारी द्वारा कम से कम एक पौध माँ के नाम पर अवश्य पौध रोपण किया जाये। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवसीय योजना के लाभाथियों तथा जीरो पावर्टी कार्यक्रम में चिन्हित परिवारों द्वारा दो-दो सहजन के पौधों का रोपण अवश्य सुनिश्चित कराया जाय तथा सहजन के वृक्ष के फली, पत्ती, फुल के महत्व का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाय।
बैठक में डिप्टी पीडी आत्मा ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि वैसे तो इस धरती पर कुल दो तिहाई भाग जल ही जल है किंतु इसका 97 प्रतिशत जल समुद्रों में जमा खारा जल है जो हमारे किसी उपयोग का नहीं है एक प्रतिशत जल उत्तरी ध्रुव पर ग्लेशियर के रूप में जमा है ईश्वर न करें कि कभी वह द्रवित हो अन्यथा इस धरती पर जीवन ही असंभव हो जाएगा, मात्र एक प्रतिशत जल मनुष्यों के लिए, पशुओं के लिए कारखानों के लिए और फसलों की सिंचाई के लिए लाभदायक होता है इस प्रकार इस धरती पर कुल 40000 करोड़ घन मीटर जल में से मात्र 36000 घन मीटर जल ही हमारे लिए लाभप्रद है और इसका भी 80 प्रतिशत जल हमारे किसान भाई सिंचाई में खर्च कर देते है।जल संरक्षण के लिए, पृथ्वी के तापमान नियंत्रण के लिए, मृदाक्षरण को रोकने के लिए और हमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्ति के लिए पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण आज की समय की मांग एवं एक अनिवार्य आवश्यकता हो गई है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चौहान, प्रभागीय निदेशक वानिकी सरफराज खान सहित अन्य उपस्थित रहे।
