जौनपुर :जौनपुर में धूमधाम हर्षौल्लास के साथ मनाया गया हजरत मोहम्मद साहब का 1500 वा जन्मोत्सव
जौनपुर
जौनपुर शहर में आज यौमुन्नबी के मौके पर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लाह व धूमधाम से मनाया गया इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म अरब देश के मक्का में 570 ईस्वी में हुआ था।
उनका जन्म इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने, रबीउलअव्वल की 12 तारीख को हुआ था। उनके पिता का नाम अब्दुल्लाह और माता का नाम आमिना था। अब्दुल्लाह का निधन उनके जन्म से पहले ही हो गया था, और उनकी माता आमिना का निधन जब वे छह साल के थे तब हुआ था। हजरत मोहम्मद साहब का पालन-पोषण उनके दादा अब्दुल मुत्तलिब और बाद में उनके चाचा अबू तालिब ने किया था।
उनका जन्म कुरैश खानदान के बनू हाशिम कबीले में हुआ था, जो मक्का की एक प्रतिष्ठित और प्रभावशाली खानदान था।
उनके आने से पहले इस जगत में बहुत अंधकार था लोग पैदा होते ही अपनी लड़कियों को मार देते थे समाज में बहुत ज्यादा अत्याचार व्याप्त था उनके आने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे लोगों को समझाना शुरू किया और एक ईश्वरवाद के साथ ही इंसानियत का परिचय लोगों को दिया उन्हें पूरे जगत का कल्याण करने वाला कहा जाता हैं यानी कि वह पूरी दुनिया के लिए रहमत बन करके आए ऐसा बताया इस्लाम के जानकार रियाजुल हक़ ने
जौनपुर में अपनी पुरानी रिवायत के अनुसार जश्ने यौम ए न्नबी का जश्न मछली शहर पड़ाव स्थित शाही ईदगाह से हरी झंडी अरशद खान और निखलेश सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दिखा कर शुरू हुआ जिसमें विभिन्न अखाड़े अपने-अपने अलग-अलग करतब दिखाते हुए आगे चल रहे थे, वही इस्लामी नजम पढ़ने वाली विभिन्न प्रकार की अंजुमन भी हुजूर की शान में नात पढ़ते हुए आगे बढ़ रही थी, पूरा शहर दुल्हन की तरह सजाया गया था अलग-अलग सजावट कमेटी ने दिन-रात एक करके इस काम को अंजाम दिया था वही कोतवाली के सामने एक कार्यक्रम कौमी यकजहती राष्ट्रीय एकता के नाम पर किया गया जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने वक्तव्य में हजरत मुस्तफा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और बताया कि इस समय भी उनकी बातों को आत्मसात करना बहुत जरूरी है तभी समाज देश व पूरी दुनिया में शांति स्थापित हो सकती है।
इसी रिवायत में कार्यक्रम आगे बढ़ता हुआ शाही अटाला मस्जिद के प्रांगण में पहुंचा जहां पर देर रात एक जलसे को मौलाना कयामुद्दीन ने संबोधित किया इस प्रकार रात भर पूरे शहर में चहल-पहल बनी रही।
वही मेला आयोजन मरकजी सीरत कमेटी के पदाधिकारी पूरी रात मेला प्रबंधन में रूप में नियंत्रण करते हुए दिखाई दिए प्रशासन भी अपनी पूरी कोशिश के साथ उक्त मेले को सफल बनाने में लग रहा इस मौके पर मुख्य रूप से अकरम मंसूरी,अरशद कुरैशी, असलम शेर खान आसिफ मजहर, अब्दुल अहद मुन्ने, दिलदार अहमद, नूरुद्दीन मंसूरी,नेयाज ताहिर शेखू ,शहाबुद्दीन विद्यार्थी,सद्दाम सिद्दीकी,मास्टर मेराज आदि लोग मौजूद रहे।
जौनपुर :जौनपुर में धूमधाम हर्षौल्लास के साथ मनाया गया हजरत मोहम्मद साहब का 1500 वा जन्मोत्सव
