फर्रुखाबाद की तहसील सदर में महिला ने बैनामा रोकने के लिए उपनिबंधक को सौंपी प्रार्थना पत्र

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 19 अगस्त 2025 जनपद की तहसील सदर में आज एक प्रकरण उस समय चर्चा का विषय बन गया जब छीतापुर कपूरापुर सिंघीरामपुर निवासी सलोनी पत्नी राजेश कुमार ने उपनिबंधक सदर रविकांत यादव को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने सास-ससुर की कृषि भूमि के बैनामा पर रोक लगाने की मांग की।

प्रार्थना पत्र में सलोनी ने उल्लेख किया है कि उनकी सास कमला देवी पत्नी रामऔतार और ससुर रामऔतार पुत्र स्व. सिद्धार्थ निवासी बहोरनपुर, टप्पा हवेली, तहसील सदर, दोनों की उम्र लगभग 75 वर्ष हो चुकी है। उनकी मानसिक एवं शारीरिक स्थिति अब इस योग्य नहीं रह गई है कि वे अच्छे-बुरे का निर्णय ले सकें। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ पारिवारिक या बाहरी लोग उन्हें बहला-फुसलाकर कृषि भूमि का विक्रय विलेख (बैनामा) कराने की फिराक में हैं।

प्रार्थिनी ने बताया कि उनके सास-ससुर के नाम पर ग्राम कटरी मानपुर गाटा संख्या 266 मि०, रकबा 0.809 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है। इसके अलावा ग्राम बहोरनपुर टप्पा हवेली में भी कृषि भूमि मौजूद है, जिसका सटीक गाटा संख्या प्रार्थिनी को ज्ञात नहीं है।

सलोनी का कहना है कि यदि उक्त भूमि का विक्रय विलेख हो गया तो उनके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उनके पति मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन पर है। वहीं उनकी नाबालिग संतानें भी इस स्थिति से प्रभावित होंगी।

इस परिस्थिति को देखते हुए प्रार्थिनी ने उपनिबंधक महोदय रविकांत यादव से भूमि का बैनामा रोकने की मांग की है।

यह मामला अब प्रशासनिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि उपनिबंधक द्वारा तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया गया तो वृद्ध दंपत्ति की कृषि भूमि विवाद में फंस सकती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में यह खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भी बैनामे को लेकर कानूनी सुरक्षा और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर चर्चा शुरू हो गई है।

 यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और प्रार्थिनी सलोनी की मांग को किस तरह से सुना और निस्तारित किया जाता है।