फर्रुखाबाद में बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाने की अनूठी पहल “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम का एसीएमओ ने किया शुभारम्भ

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 24 नवम्बर 2025 शून्य से पाँच वर्ष की आयु वाले बच्चों को डायरिया से बचाने के उद्देश्य से जनपद में एक महत्वपूर्ण जन स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत की गई है। स्वास्थ्य विभाग, पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल-इंडिया (PSI-India) और केनव्यू के संयुक्त प्रयास से सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित सभागार में “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने की।

डायरिया रोकथाम को मिलेगी नई गति – डॉ. रंजन गौतम

डॉ. गौतम ने कहा कि शून्य से पाँच वर्ष के बच्चों की मौतों का एक प्रमुख कारण डायरिया है। स्वास्थ्य विभाग पहले से स्टॉप डायरिया कैम्पेन चला रहा है, लेकिन “डायरिया से डर नहीं” कार्यक्रम से इस अभियान को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य है—समुदाय में जागरूकता बढ़ाना, व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना दस्त प्रबंधन को और प्रभावी बनाना।

उन्होंने सभी चिकित्सकों व सहयोगी संस्थाओं से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की अपील की।

आशा-आंगनबाड़ी को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण – PSI इंडिया

पीएसआई-इंडिया के सीनियर मैनेजर प्रोग्राम अनिल द्विवेदी ने कार्यक्रम के संचालन की रूपरेखा बताते हुए कहा कि—आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एएनएम और महिला आरोग्य समितियों को डायरिया की पहचान और रोकथाम पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ओआरएस, शीघ्र स्तनपान और 6 माह तक सिर्फ माँ का दूध देने के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। हाथ धोने की सही विधि का प्रशिक्षण भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगा।

दीवार लेखन के माध्यम से गांव-गांव डायरिया से बचाव के संदेश पहुंचाए जाएंगे। ICDS, शिक्षा विभाग और निजी चिकित्सक भी इस पहल से जुड़ेंगे।

डायरिया की शुरुआती पहचान है बेहद महत्वपूर्ण – डॉ. राजेश माथुर

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश माथुर ने कहा कि यदि बच्चे को 24 घंटे में तीन या अधिक बार पतली दस्त आए, तो यह डायरिया का लक्षण है।

उन्होंने कहा—शुरुआती अवस्था में ही बच्चे को ओआरएस देने से गंभीर स्थिति से बचाया जा सकता है। लंबे समय तक दस्त रहना गंभीर डायरिया में बदल सकता है।

उन्होंने रोटा वायरस वैक्सीन की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।

ओआरएस व जिंक की सही मात्रा पर जोर – डॉ. दीपक कटारिया

डॉ. दीपक कटारिया ने लोगों को ओआरएस और जिंक की सही मात्रा और समय पर सेवन को लेकर जागरूक करने पर बल दिया। 

मॉनिटरिंग मजबूत करने का आश्वासन – यूनिसेफ

यूनिसेफ के प्रदीप पाल ने ओआरएस और जिंक के कवरेज को बढ़ाने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग की आवश्यकता बताई और पूर्ण सहयोग देने की बात कही।

केनव्यू का बहुवर्षीय सहयोग

केनव्यू के सेल्फ केयर बिजनेस यूनिट हेड प्रशांत शिंदे ने कहा कि यह बहुवर्षीय पहल सरकार के डायरिया रोको अभियान को मजबूती देने के लिए शुरू की गई है।

इसका उद्देश्य है—पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित बनाना, एकीकृत दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना, ओआरएस के कवरेज को विस्तार देना।

कार्यक्रम में कई विभागों की सहभागिता

इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव, जिला मलेरिया अधिकारी नौशाद अली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक कंचन बाला, पीएसआई इंडिया के विभीषण भुयन, राम कुमार तिवारी, अनुपम मिश्र, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग और नगर पालिका के प्रतिनिधि मौजूद रहे।