विहार:(द दस्तक 24 न्यूज़) 29 जुलाई 2025 बिहार की ऐतिहासिक भूमि वैशाली आज एक और गौरवशाली अध्याय की साक्षी बनी, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 550 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ‘बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप’ का भव्य उद्घाटन किया। यह स्तूप और संग्रहालय वैशाली की प्राचीन बौद्ध विरासत को संरक्षित करने और विश्व पटल पर उसे स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
72 एकड़ में फैला बौद्ध सांस्कृतिक केंद्र
यह भव्य परिसर 72 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया है, जिसमें एक साथ 2000 बौद्ध भिक्षु पूजा-अर्चना कर सकते हैं। यह परिसर न केवल एक संग्रहालय है, बल्कि यह एक धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि –वैशाली की ऐतिहासिक पहचान को विश्व मंच पर स्थापित करने के उद्देश्य से यह परियोजना तैयार की गई है। यह न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि बिहार की आध्यात्मिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा –यह संग्रहालय और स्मृति स्तूप दुनिया भर के बौद्ध अनुयायियों के लिए एक आस्था का केंद्र बनेगा। सरकार का यह प्रयास बिहार को बौद्ध पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा।”
संग्रहालय की विशेषताएँ:
प्राचीन बौद्ध कलाकृतियों और अवशेषों का संरक्षण
बुद्ध के जीवन से जुड़े विविध पहलुओं को दर्शाने वाली डिजिटल एवं आभासी गैलरी
ध्यान केंद्र और अनुसंधान केंद्र
भिक्षुओं के लिए पूजा स्थल और आवासीय सुविधाएँ
पर्यटकों के लिए इन्फॉर्मेशन सेंटर व सुविधायुक्त परिसर
यह परियोजना भारत की सांस्कृतिक चेतना को फिर से जागृत करने की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए यह स्थल आने वाले समय में एक ‘नया बोधगया’ बनकर उभरेगा।
बिहार सरकार को इस ऐतिहासिक परियोजना के सफल निर्माण के लिए साधुवाद।
