सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के रामलीला रोड मंडी निवासी दीपक सक्सेना ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसे व्यावसायिक प्लॉट की आवश्यकता थी। शहर के ही मोहल्ला शारदा कॉलोनी वार्ड नंबर 10 निवासी प्रदीप कश्यप व रिंकू कश्यप से उसकी जान पहचान थी। दोनों ने मझोला कस्बे में रोड पर 125 वर्ग गज का प्लॉट दिखाया। 10 लाख रुपये में सौदा तय हो गया।
सौदे में उक्त दो व्यक्तियों के अलावा खटीमा के बनगवां निवासी जसकरन उर्फ बनिया चौधरी, नीरज उर्फ चरनजीत, न्यूरिया के गांव टोडरपुर निवासी फुरकान व जीशान भी शामिल थे। 20 मार्च 2022 को उसने पिता के खाते से दो लाख रुपये निकालकर प्रदीप को उसके घर जाकर दिए। प्रदीप ने प्लॉट मालिक के बाहर होने की बात कहकर छह माह बाद रजिस्ट्री कराने का वादा किया गया।
तीन माह बाद उक्त लोगों ने प्लॉट मालिक की तबीयत खराब होने की बात कहकर दो लाख रुपये और ले लिए। समय पूरा होने के दो-तीन माह बाद भी न तो रजिस्ट्री कराई और न ही रुपये वापस किए। परिचित होने के चलते उसने बयाने की रकम से संबंधित कोई लिखा-पढ़ी नहीं कराई थी। बाद में उसे पता चला कि आरोपियों ने ने जो प्लॉट दिखाया था, उसका मालिक कोई और था। वह प्लॉट भी बिकाऊ नहीं था। उसके साथ धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि रुपये मांगने पर गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने लगे। इंस्पेक्टर पवन कुमार पांडेय ने बताया कि छह लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई है।