फर्रुखाबाद: किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने देंगे –सदर विधायक

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 सितम्बर 2025 जनपद में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर आज एक अहम पहल हुई। फर्रुखाबाद के सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की।

कृषि मंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रदेश के किसी भी जिले में किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है और खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी कर रही है।

फर्रुखाबाद में खाद की स्थिति

यूरिया: 10,794 मीट्रिक टन उपलब्ध (सहकारिता – 6,128 मी. टन, प्राइवेट – 4,666 मी. टन)

डीएपी: 7,786 मीट्रिक टन उपलब्ध

एनपीके: 13,025 मीट्रिक टन उपलब्ध (कोऑपरेटिव – 5,977 मी. टन, प्राइवेट – 7,048 मी. टन)

यानी वर्तमान में फर्रुखाबाद जनपद में कुल लगभग 30 हजार मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

कानपुर मंडल में फर्रुखाबाद की स्थिति

यूरिया में सबसे आगे

डीएपी में दूसरे स्थान पर

एनपीके में प्रथम स्थान पर (13,025 मी. टन)

कृषि मंत्री ने कहा कि जितनी खाद कृषि वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित है, वह किसानों को पूरी उपलब्ध कराई जाएगी। बटाईदार किसान भी अपने दस्तावेज दिखाकर खाद का लाभ ले सकते हैं।

किसानों के लिए सलाह

मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे खाद का संतुलित प्रयोग करें। अधिक मात्रा में रासायनिक खाद जमीन को ऊसर और बंजर बना देती है तथा स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डालती है।

उत्पादन और प्रगति

मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में फर्रुखाबाद जनपद ने—

आलू उत्पादन: 15.18 लाख मीट्रिक टन

चावल उत्पादन: 47 हजार मीट्रिक टन

गेहूं उत्पादन: 2.88 लाख मीट्रिक टन

योगी सरकार के नेतृत्व में फर्रुखाबाद ने 15.8% वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है, जिसमें कृषि का योगदान सर्वाधिक है। 2023-24 में जनपद की जीडीपी में कृषि का अंश लगभग 43% रहा।

फर्रुखाबाद आएंगे कृषि मंत्री

मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने कृषि मंत्री को फर्रुखाबाद आने का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। मंत्री ने कहा कि वे जल्द ही किसानों के बीच आकर सरकार की किसान हितैषी योजनाओं पर चर्चा करेंगे।

👉 यह साफ है कि प्रदेश सरकार किसानों की खाद आपूर्ति पर पूरी तरह गंभीर है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।