फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 जनवरी 2026 गंगा एक्सप्रेस-वे और लखनऊ–आगरा एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के लिए प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे के भूमि चिन्हांकन को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। ग्राम खिमसेपुर, परगना शमसाबाद पूर्व के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि लिंक एक्सप्रेस-वे का मार्ग प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में बदला जा रहा है, जिससे उनके रिहायशी मकान, प्लॉट और कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले इस लिंक एक्सप्रेस-वे का चिन्हांकन मदनपुर और मरहाला के बीच किया गया था, लेकिन अब अचानक धीरपुर चौराहे के उत्तर दिशा की ओर भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है। इस बदलाव के कारण ग्राम खिमसेपुर स्थित गाटा संख्या 1116 में बने कई रिहायशी मकान और आवासीय प्लॉट एक्सप्रेस-वे की जद में आ रहे हैं।
प्रार्थीगण का आरोप है कि यदि वर्तमान चिन्हांकित स्थान से एक्सप्रेस-वे निकाला गया तो वे पूरी तरह बेघर हो जाएंगे।
उन्होंने प्रशासन के समक्ष सुझाव रखा है कि यदि लिंक एक्सप्रेस-वे के उतार/कट को वर्तमान स्थान से लगभग 125 मीटर उत्तर दिशा की ओर स्थानांतरित कर दिया जाए, तो न केवल उनके मकान और रिहायशी प्लॉट सुरक्षित रहेंगे, बल्कि परियोजना के क्रियान्वयन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित और न्यायहित में मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए गाटा संख्या 1116 की भूमि को छोड़ते हुए लिंक एक्सप्रेस-वे के उतार/कट का पुनः निर्धारण कराया जाए।
शिकायती प्रार्थना पत्र पर उमाशंकर, गीता देवी, हराऊम, दोचित, कुसुमलता, आशा, रेनू कुमारी, कुंचन यादव, माला यादव, खुशीराम, भलेश सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। वहीं संपर्क के लिए अखिलकुमारी, सुभनदेबी और निशित सिकदर के मोबाइल नंबर भी दिए गए हैं।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और लिंक एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित मार्ग में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।
