फर्रुखाबाद:वीरांगना फूलन देवी की 24वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 25 जुलाई 2025 25 जुलाई 2025 जनपद में वीरांगना फूलन देवी जी की 24वीं पुण्यतिथि पर निषाद पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल कश्यप के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन बढ़पुर स्थित पार्टी कार्यालय पर किया गया। इस अवसर पर कश्यप समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, पदाधिकारीगण व कार्यकर्ता उपस्थित रहे और फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नम आँखों से श्रद्धांजलि दी।

सभा के दौरान वरिष्ठ समाजसेवी मूलचंद्र बाथम ने फूलन देवी के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 10 अगस्त 1963 को जालौन जनपद के एक गरीब मल्लाह परिवार में हुआ था। कम उम्र में ही उनका विवाह पुत्तीलाल मल्लाह से हो गया, जिन्होंने उन पर लगातार अत्याचार किए। इन परिस्थितियों से तंग आकर उन्होंने ससुराल छोड़ने का निर्णय लिया।

पुजारी सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि समाज और पुलिस की ज्यादतियों से तंग आकर फूलन देवी चंबल के बीहड़ों में चली गईं और बाबू गुर्जर के गैंग में शामिल हो गईं, जहाँ उनकी मुलाकात विक्रम मल्लाह से हुई, जिनसे उन्होंने विवाह किया। विक्रम की हत्या के बाद फूलन देवी ने 1981 में बहुचर्चित बेहमई कांड में 20 उच्च जाति के लोगों की हत्या कर बदला लिया, जिसके बाद उनकी गिनती देश की चर्चित हस्तियों में होने लगी।

अनिल कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि फूलन देवी ने नारी शक्ति और आत्मसम्मान का प्रतीक बनकर अपने ऊपर हुए अन्याय का जवाब दिया। उन्होंने गरीबों की सहायता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के वंचित तबकों की आवाज बनीं। अजीत बाथम एडवोकेट ने बताया कि फूलन देवी ने 13 फरवरी 1983 को मध्य प्रदेश के भिंड में मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सामने आत्मसमर्पण किया और इसके बाद 11 साल जेल में रहीं। 1996 में मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर सांसद बनीं और संसद में समाज की आवाज बनीं। 1994 में बनी फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। 25 जुलाई 2001 को दिल्ली स्थित सरकारी आवास के बाहर उनकी हत्या कर दी गई।

अरविन्द बाथम ने कहा कि फूलन देवी का जीवन संघर्षों से भरा था और उनके साहस से आज भी हम प्रेरणा ले सकते हैं। समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है।विमल बाथम ने महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलने की बात करते हुए कहा कि समाज में भाईचारे और शिक्षा के प्रसार से ही हम मजबूत बन सकते हैं। इस अवसर पर अमरनाथ कश्यप, बाबूराम कश्यप, ज्ञानेंद्र कश्यप, सचेंद्र कश्यप, मुकेश चंद्र बाथम, मुनेश बाथम, इंद्र कश्यप, मौजीराम बाबा, जितेंद्र कनौजिया, कैलाश शंकर, सुरेश कश्यप, राकेश कश्यप, नीरज कश्यप, संदीप बाथम सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजीव बाथम ने किया। अंत में सभी ने वीरांगना फूलन देवी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।